वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील किए जाने की चर्चा के बीच सर्राफा कारोबारियों, सुनारों और कारीगरों में चिंता का माहौल है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को ठठेरी बाजार, चौक स्थित वाराणसी सर्राफा एसोसिएशन की एक बैठक अध्यक्ष संतोष अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में कारोबारियों ने आशंका जताई कि यदि आमजन विवाह, त्योहार और निवेश के लिए सोने की खरीद कम करते हैं, तो इसका सीधा असर सर्राफा बाजार की बिक्री पर पड़ेगा। कारोबारियों के अनुसार इससे आभूषण निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है और बनारस में स्वर्णकारी कार्य से जुड़े हजारों कारीगरों के रोजगार पर संकट उत्पन्न हो सकता है।
व्यापारियों ने कहा कि छोटे सुनारों और पारंपरिक आभूषण व्यवसाय से जुड़े परिवारों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ने की संभावना है। कुछ व्यापारियों का मानना था कि यदि यह अपील राष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए की गई है, तो सरकार को सर्राफा उद्योग, कारीगरों और छोटे व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक राहत और रोजगार संबंधी उपायों पर भी विचार करना चाहिए।

बैठक का संचालन एसोसिएशन के महामंत्री रवि सर्राफ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पवन मिश्रा ने दिया। बैठक में प्रमुख रूप से प्रद्युम्न अग्रवाल, सुमित वर्मा ‘चंदू’, संजय अग्रवाल, राघव दवे, जतिन रस्तोगी, गोपाल उपाध्याय ‘बमभोले’, पंकज सर्राफ, कमल कुमार सिंह, किशोर सेठ, विष्णु दयाल, सौरभ अग्रवाल, राहुल जायसवाल, गणेश कसेरा सहित अन्य व्यापारी उपस्थित रहे।









