वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी को विकास की नई सौगात देते हुए 6332 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसी क्रम में संत कबीर की पावन जन्मस्थली लहरतारा स्थित प्राकट्य स्थल के भव्य सुंदरीकरण का भी लोकार्पण किया गया, जिससे यह स्थल अब और अधिक आकर्षक एवं श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बन गया है।
पर्यटन विभाग द्वारा 653.39 लाख रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना में संत कबीर के मूल प्राकट्य स्थल का जीर्णोद्धार, भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण तथा सत्संग हॉल का पुनर्निर्माण कराया गया है। इसके साथ ही तालाब के किनारे सुसज्जित पाथवे का निर्माण कर पूरे परिसर को व्यवस्थित एवं सौंदर्यपूर्ण रूप प्रदान किया गया है।
परिसर की भव्यता को बढ़ाने के लिए चुनार के लाल पत्थरों से नक्काशीदार रेलिंग लगाई गई है, जो पारंपरिक शिल्पकला की झलक प्रस्तुत करती है। आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग क्षेत्र का भी सुंदरीकरण किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

संत कबीर के जीवन, उनके विचारों और शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करने के लिए परिसर की दीवारों पर उनके प्रसिद्ध दोहों एवं चित्रों को उकेरा गया है। साथ ही पूरे परिसर में कबीर वाणी के प्रसारण हेतु आधुनिक ध्वनि यंत्र लगाए गए हैं, जिससे वातावरण आध्यात्मिकता से ओतप्रोत बना रहता है।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मूलभूत सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। बेहतर व्यवस्थाओं के कारण अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल रही है।
कबीर प्राकट्य स्थल के महंत गोविंद दास शास्त्री ने बताया कि भविष्य में इस स्थल को और अधिक विकसित करने की योजना है, ताकि लहरतारा को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।









