वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के समाज विज्ञान संकाय के तत्वावधान में ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र के सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना तथा उनमें राष्ट्रहित की भावना को सुदृढ़ करना रहा।
मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता हैं। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता का सही दिशा में उपयोग देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, शोध, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
संगोष्ठी की अध्यक्षता समाज विज्ञान संकाय की संकायाध्यक्ष प्रो. रेखा ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। युवाओं को सामाजिक समरसता, लोकतांत्रिक मूल्यों, समानता और मानवता की भावना को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

प्रभारी कुलानुशासक प्रो. राकेश तिवारी ने युवाओं को अनुशासन के साथ शिक्षा ग्रहण करने तथा अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश दिया। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने युवाओं की शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सहभागिता, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्र के समग्र विकास में उनकी भूमिका पर विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम में श्री विश्व ज्योति तिवारी ने स्वागत किया। मंच संचालन सुश्री अंशिका कुशवाहा ने किया, जबकि श्री आदित्य तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। सिद्धार्थ, दीपेंद्र, कृष्ण, आदर्श, अमन, अंशिका और वैभव ने आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया।










