वाराणसी। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी निजात दिलाने की दिशा में बरेका और वाराणसी नगर निगम ने बड़ी पहल की है। दोनों संस्थानों के बीच ₹45.30 करोड़ की समेकित वर्षा जल निकासी परियोजना के लिए मंगलवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। परियोजना के तहत बरेका के पाहाड़ी गेट से चितईपुर रोड तक करीब 14.20 किलोमीटर लंबी वर्षा जल निकासी प्रणाली विकसित की जाएगी।
एमओयू का आदान-प्रदान उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, वाराणसी के महापौर अशोक कुमार तिवारी, बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। बरेका की ओर से उप मुख्य अभियंता उत्पल कांत तथा वाराणसी नगर निगम की ओर से मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
परियोजना की कुल लागत ₹45.30 करोड़ निर्धारित की गई है। इसमें बरेका ₹24 करोड़ और वाराणसी नगर निगम ₹21.30 करोड़ का योगदान करेगा। समेकित रूप से तैयार होने वाली यह जल निकासी प्रणाली बरेका क्षेत्र के साथ उससे सटे नगर निगम क्षेत्रों में बारिश के पानी की बेहतर निकासी सुनिश्चित करेगी।

परियोजना के पूरा होने से बरेका की पश्चिम कॉलोनी स्थित रेलवे आवासों को बारिश के पानी से होने वाले नुकसान से सुरक्षा मिलेगी। जलभराव की समस्या कम होने से भवनों की दीर्घकालिक मजबूती भी सुनिश्चित होगी। वहीं, बरेका से लगे नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले हजारों नागरिकों को मानसून के दौरान जलभराव और आवागमन की परेशानी से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को बरेका और नगर निगम के बीच बेहतर समन्वय का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है। लंबे समय से जलभराव की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में समेकित जल निकासी व्यवस्था विकसित होने से बारिश के दौरान जनजीवन को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक सागर सहित वाराणसी नगर निगम के पार्षदगण एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










