वाराणसी। चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में काशी का गौरव एक बार फिर राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर चमका है। अवधूत भगवान राम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, पड़ाव के मुख्य चिकित्सक एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित वरिष्ठ होमियोपैथिक मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार सिंह को प्रतिष्ठित “भारत गौरव एक्सीलेंस अवार्ड 2026” से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें नई दिल्ली की विख्यात संस्था ‘जीवरन फाउंडेशन’ द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. अनिल कुमार सिंह को यह सम्मान होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति के माध्यम से मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार, रोकथाम तथा इस क्षेत्र में किए गए उनके उत्कृष्ट शोध एवं उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। विगत कई वर्षों से वह पड़ाव स्थित अनुसंधान केंद्र में आने वाले हजारों मरीजों का होमियोपैथी और प्राकृतिक जीवन शैली के समन्वय से सफल उपचार कर रहे हैं।
बताया जाता है कि डॉ. सिंह ने न केवल मरीजों की ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में सफलता प्राप्त की है, बल्कि मधुमेह से उत्पन्न होने वाली अन्य जटिलताओं से भी अनेक रोगियों को राहत दिलाई है। उनके उपचार और शोध कार्यों को चिकित्सा जगत में विशेष सराहना मिल रही है।

नई दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों की उपस्थिति में उन्हें इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के सम्मान से विभूषित किया गया। पुरस्कार की घोषणा के बाद अवधूत भगवान राम आश्रम, पड़ाव सहित पूरे वाराणसी के चिकित्सा जगत एवं प्रबुद्ध वर्ग में हर्ष की लहर दौड़ गई।
शुभचिंतकों ने डॉ. सिंह को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल एक चिकित्सक का नहीं, बल्कि पूरी काशी और होमियोपैथी चिकित्सा पद्धति का गौरव है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि यह पुरस्कार उनके अकेले का नहीं, बल्कि पूज्य अघोरेश्वर के आशीर्वाद और संस्थान की पूरी टीम के समर्पण का परिणाम है। उन्होंने कहा कि होमियोपैथी के माध्यम से मधुमेह का सुरक्षित एवं स्थायी समाधान संभव है और उनका प्रयास रहेगा कि यह चिकित्सा पद्धति समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।









