वाराणसी, 13 अगस्त। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज का 57वां अवतरण दिवस शुक्रवार, 14 अगस्त को काशी सहित देश-विदेश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर संतों, भक्तों एवं श्रद्धालुओं द्वारा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि काशी के शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में शुक्रवार को प्रातः 8 बजे वैदिक आचार्यों द्वारा शंकराचार्य जी के दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना से रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके बाद चरणपादुका पूजन, शंकराचार्य जी के चित्र पर माल्यार्पण तथा वेदपाठ होगा।
उन्होंने बताया कि पूर्वाह्न 11:45 बजे से दंडी संन्यासियों के लिए महाभंडारे का आयोजन होगा। इसके पश्चात श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। दिनभर श्रीविद्यामठ में भजन-कीर्तन और सोहर सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम चलते रहेंगे।

इस समय शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले स्थित सपाद लक्ष्मेश्वर धाम सलधा में चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान कर रहे हैं। यहां उनके कृपा-सान्निध्य में सवा लाख शिवलिंगों वाले विश्व के सबसे बड़े शिव मंदिर के निर्माण का संकल्प भी साकार रूप ले रहा है। चातुर्मास्य के दौरान प्रतिदिन विविध आध्यात्मिक एवं धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।
शंकराचार्य जी के अवतरण दिवस पर सलधा सहित देश के विभिन्न स्थानों पर भी व्यापक स्तर पर धार्मिक आयोजन होंगे। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।










