वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम–प्रचार अभियान” के अंतर्गत आयोजित स्कूटी रैली ने शुक्रवार को नारी अधिकारों और सम्मान का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के उस शाश्वत आदर्श का पुनर्स्थापन है, जिसमें नारी को शक्ति, सृजन और संस्कार का मूल स्रोत माना गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सहभागी बनाकर लोकतंत्र को अधिक समावेशी और सुदृढ़ बना रहा है।
उन्होंने रैली के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य समाज में नारी सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाना है। यह अभियान महिलाओं में आत्मविश्वास, स्वावलंबन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित भाजपा जिला महिला मोर्चा की कार्यालय प्रभारी सोनिया जैन ने कहा कि ऐसी रैलियां समाज में सकारात्मक सोच का संचार करती हैं और रूढ़ियों को तोड़ने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि जब नारी शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर होती है, तभी सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
रैली विश्वविद्यालय के मुख्य भवन से प्रारंभ होकर राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय और चौकाघाट होते हुए पुनः परिसर में संपन्न हुई। कार्यक्रम में प्रो. जितेंद्र कुमार, डॉ. नीलम गुप्ता, प्रो. विधु द्विवेदी, प्रो. दिनेश कुमार गर्ग और नोडल अधिकारी प्रो. विद्या कुमारी चंद्रा सहित बड़ी संख्या में छात्राओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।









