वाराणसी। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ‘ड्रॉप मोर क्रॉप’ कार्यक्रम अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, कल्लीपुर में दो दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दूसरे दिन मंगलवार को मुख्य अतिथि के रूप में सेवापुरी विधायक नील रतन पटेल उर्फ नीलू की प्रतिनिधि कुमारी अदिति पटेल उपस्थित रहीं। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीएचयू के प्रोफेसर ए.के. नेमा, भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनंत बहादुर सिंह, संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह, डॉ. प्रकाश सिंह, डॉ. अमितेश प्रताप सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. मनीष पांडेय, जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक कुमार यादव, उद्यान निरीक्षक सुधांशु कुमार सिंह, अशोक कुमार, प्रणव मिश्रा एवं संजीव कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक ज्योति कुमार सिंह द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण में कुल 50 कृषकों ने प्रतिभाग किया। वैज्ञानिकों ने आधुनिक सिंचाई पद्धतियों—ड्रिप इरिगेशन, मिनी स्प्रिंकलर, रेन गन एवं पोर्टेबल स्प्रिंकलर—के लाभों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन पद्धतियों से 60 से 70 प्रतिशत तक पानी की बचत संभव है, जबकि उत्पादन में 40 से 50 प्रतिशत की वृद्धि होती है। साथ ही उत्पादन लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक की कमी, खरपतवार नियंत्रण पर होने वाले खर्च में 70 से 80 प्रतिशत तक की बचत तथा समय की भी उल्लेखनीय बचत होती है।

जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने विभाग द्वारा सिंचाई संयंत्रों पर उपलब्ध 75 से 90 प्रतिशत तक के अनुदान की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में विधायक प्रतिनिधि अदिति पटेल ने प्रशिक्षण प्राप्त कृषकों से आधुनिक सिंचाई पद्धतियों को अपनाने तथा अन्य किसानों तक इसके लाभों का प्रचार-प्रसार करने का आह्वान किया। प्रशिक्षण उपरांत कृषकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम का समापन कृषि विज्ञान केंद्र कल्लीपुर के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार सिंह द्वारा किया गया।









