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घने कोहरे में सुरक्षित सफ़र की पहल: वाराणसी में ई-रिक्शा चालकों को मुफ्त रिफ्लेक्टर जैकेट, यातायात नियमों पर सख्ती

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वाराणसी। घने कोहरे और कम दृश्यता के बीच सड़क हादसों की आशंका को देखते हुए कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक सराहनीय पहल की है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) शिवहरी मीणा की उपस्थिति में ई-रिक्शा चालकों को निःशुल्क रिफ्लेक्टर जैकेट वितरित की गईं तथा उनके वाहनों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए।

यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है, जब उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा छाया हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 27 दिसंबर तक उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कोहरे की चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि सर्दियों में कोहरा और कम रोशनी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में खुले और धीमी गति से चलने वाले ई-रिक्शा चालकों के लिए रिफ्लेक्टर जैकेट और टेप महज औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवनरक्षक उपाय हैं।

कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा चालकों के लिए 20 बिंदुओं वाले विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए। इनमें रात और सुबह के समय रिफ्लेक्टर जैकेट पहनना अनिवार्य बताया गया। साथ ही वाहन पर लगे रिफ्लेक्टर टेप को हटाने, ढकने या क्षतिग्रस्त करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। चालकों को प्रतिदिन वाहन चलाने से पहले हेडलाइट, ब्रेक लाइट, हॉर्न और टायर की जांच करने के निर्देश दिए गए। खराब लाइट या बिना हेडलाइट वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा ओवरलोडिंग, तय गति से अधिक रफ्तार, गलत दिशा में वाहन चलाना, बिना संकेत दिए मोड़ना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों, चौराहों, स्कूलों, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। पुलिस जांच में सहयोग करना, दुर्घटना या आपात स्थिति की तत्काल सूचना देना तथा किसी भी अवैध वसूली की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंचाना अनिवार्य बताया गया।

अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) अंशुमान मिश्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक सामूहिक दायित्व है। नियमों का पालन कर चालक न सिर्फ अपनी, बल्कि यात्रियों और अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की जान भी बचा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है, हालांकि लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी वाराणसी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर कई जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए हैं। नवंबर माह में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में ‘यातायात माह 2025’ का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें उत्कृष्ट पुलिसकर्मियों और स्कूली बच्चों को सम्मानित किया गया था।

ई-रिक्शा शहरी परिवहन का अहम हिस्सा हैं। प्रशासन का मानना है कि इनका सुरक्षित और अनुशासित संचालन ही शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बना सकता है। भविष्य में भी इस तरह के अभियान और जागरूकता कार्यक्रम जारी रखने की योजना है।

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