वाराणसी। डोमराजा परिवार की तीखी चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। बुधवार को दशाश्वमेध क्षेत्राधिकारी अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस बल, नगर निगम की परिवर्तन दल और जोनल अधिकारी मृत्युंजय नारायण मिश्रा की संयुक्त टीम ने मणिकर्णिका से लेकर सिंधिया घाट तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। टीम ने घाटों पर बने अस्थायी ढाँचों और अवैध निर्माणों को हटाया तथा अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी।अभियान के दौरान घाट क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती रही। कार्रवाई शुरू होते ही अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। अधिकारी दल ने साफ शब्दों में चेताया कि घाटों पर किसी भी तरह का अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोबारा ऐसा पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।दरअसल, बीते दिनों डोमराजा परिवार ने मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर कड़ा आक्रोश जताया था। उन्होंने प्रशासन को 72 घंटे की चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कब्जे नहीं हटाए गए तो शवदाह कार्य बंद कर दिया जाएगा। इस अल्टीमेटम के बाद प्रशासन ने देर शाम तक लगातार बैठकें कर रणनीति बनाई और बुधवार सुबह संयुक्त टीम ने घाटों पर मोर्चा संभाल लिया।एसीपी अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि घाटों की पवित्रता और पारंपरिक स्वरूप बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमित निरीक्षण किए जाएंगे ताकि धार्मिक गतिविधियों और आमजन की आवाजाही में किसी तरह की बाधा न आए।काशी के प्राचीन महाश्मशानों — मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट — पर यह कार्रवाई प्रशासन की सक्रियता और डोमराजा परिवार की भूमिका दोनों को एक साथ उजागर करती है। प्रशासन अब घाटों को मूल स्वरूप में लाने के लिए दीर्घकालिक अभियान की तैयारी में जुटा है।








