वाराणसी, 3 अक्टूबर। पूर्व सीबीआई निदेशक एम. नागेश्वर राव ने सक्रिय राजनीति में प्रवेश करते हुए सर्वजन सनातन पार्टी (एसएसपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालने की घोषणा की। भेलूपुर स्थित डॉल्फिन ग्रैंड होटल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने अपनी राजनीतिक भूमिका और पार्टी की विचारधारा को सामने रखा।
करीब चार दशक तक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक क्षेत्र में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आने को उन्होंने सार्वजनिक जीवन की नई जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को करीब से समझने के बाद अब अपने अनुभव का उपयोग राष्ट्र और समाज के व्यापक हित में करने के उद्देश्य से राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय हुए हैं।
एम. नागेश्वर राव ने पार्टी के मूल ध्येय “सत्य सनातन, नित्य नूतन” को बताते हुए कहा कि सनातन उनके लिए केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि सत्य, धर्म, कर्तव्य, न्याय, करुणा और लोककल्याण पर आधारित जीवन-दृष्टि है। उन्होंने कहा कि भारत को विज्ञान, तकनीक, आधुनिकता और आर्थिक विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन विकास की इस यात्रा के साथ अपनी सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और ज्ञान-परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखना भी जरूरी है।

उन्होंने कहा, “हम आधुनिक भारत बनाएं, लेकिन अपनी जड़ों से कटकर नहीं। विकास की यात्रा में अपनी सभ्यता को भूलना नहीं है। आने वाली पीढ़ियों को यह बोध होना चाहिए कि वे किस महान सभ्यतागत परंपरा के उत्तराधिकारी हैं।”
काशी से राजनीतिक यात्रा की शुरुआत को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि वाराणसी भारत की सभ्यतागत निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य अतीत में लौटना नहीं, बल्कि सभ्यतागत मूल्यों पर खड़े होकर भविष्य के भारत के निर्माण की दिशा में काम करना है।
उन्होंने भारत के पुनर्निर्माण की अपनी दृष्टि को कामधेनु के चार चरणों—शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और सभ्यतागत पुनर्जुड़ाव से जोड़ते हुए इन्हें विकास के प्रमुख आधार बताया। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में संतुलित प्रगति से आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित किया जा सकता है।
प्रेस कांफ्रेंस में सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्रीमहंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष रितु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह मौजूद रहे।










