वाराणसी। शिक्षा और संस्कृत-अध्ययन के साथ खेल के मैदान में भी सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। बाराबंकी में 26 से 29 सितंबर तक आयोजित राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के तीन खिलाड़ियों अक्षत सिंह, विशाल सिंह और अर्जुन सिंह ने टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया।
फाइनल मुकाबले में विश्वविद्यालय की टीम ने बागपत की मजबूत टीम को कड़ी टक्कर दी। सटीक निशाने, लक्ष्य पर एकाग्रता और आपसी तालमेल के दम पर खिलाड़ियों ने मुकाबले को रोमांचक बना दिया। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है।
अक्षत सिंह और विशाल सिंह साहित्य विभाग के विद्यार्थी हैं, जबकि अर्जुन सिंह योग में डिप्लोमा कर रहे हैं। उपलब्धि में उस समय एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया, जब विशाल सिंह का चयन जूनियर नेशनल तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश की टीम में हुआ।

कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों में शारीरिक क्षमता के साथ अनुशासन, एकाग्रता, धैर्य, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति समर्पण का भाव विकसित करता है। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी में लक्ष्य पर नजर के साथ मन और मस्तिष्क की एकाग्रता भी जरूरी है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में रजत पदक खिलाड़ियों की प्रतिभा, मेहनत और निरंतर अभ्यास का परिणाम है।
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की पहचान ज्ञान, संस्कृत और भारतीय ज्ञान-परंपरा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से होनी चाहिए। उन्होंने विशाल सिंह के जूनियर नेशनल के लिए उत्तर प्रदेश टीम में चयन पर प्रसन्नता जताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।










