आगरा, 29 सितंबर। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन की ओर से सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जिला स्तरीय सेवा फर्स्ट नवाचार प्रतियोगिता एवं छात्र स्टार्टअप प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने तकनीक और नवाचार के दम पर स्थानीय समस्याओं के समाधान पेश किए। प्रतियोगिता में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा, कृषि और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े मॉडल आकर्षण का केंद्र रहे। निर्णायक मंडल ने पांच नवाचारों का चयन किया।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों के विशेषज्ञों को साथ लेकर बहुविषयक टीम बनानी चाहिए। स्थानीय जरूरतों के अनुरूप उपलब्ध विचारों को नया रूप देकर स्वास्थ्य, पर्यटन और अपशिष्ट प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में समाधान विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि विवेकानंद इनक्यूबेशन फाउंडेशन विद्यार्थियों को चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, कानूनी अनुपालन और निरंतर परामर्श की निःशुल्क सुविधा दे रहा है।
फाउंडेशन के निदेशक प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय ने बताया कि एक वर्ष से भी कम समय में 26 स्टार्टअप का इनक्यूबेशन किया जा चुका है, जिनमें 20 विद्यार्थियों के हैं। दिसंबर तक यह संख्या 40 करने का लक्ष्य है।
प्रतियोगिता में मंदिरों के फूलों और जैविक कचरे से पर्यावरण अनुकूल उत्पाद बनाने, छोटे उद्यमों के लिए सरकारी निविदाएं खोजने, वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने, खाद्य पदार्थों में रसायनों की जानकारी देने, अस्पतालों के बीच मरीजों के रेफरल आंकड़े व्यवस्थित करने और विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कौशल से जोड़ने जैसे मॉडल प्रस्तुत किए गए। विश्वविद्यालय के छात्र तन्मय शर्मा ने साइबर सुरक्षा, डिजिटल फॉरेंसिक और खतरा खुफिया पर आधारित अपना उद्यम भी प्रस्तुत किया।

निर्णायक मंडल ने विश्वविद्यालय के कंप्यूटर केंद्र के दिव्यन भदौड़िया के ‘एआई साइनसेतु’ को प्रथम, इशिता गौर के ‘देख के लो’ को द्वितीय और दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के संभव सत्संगी के ‘योगघर’ को तृतीय स्थान दिया। डॉ. एमपीएस कॉलेज के दिव्या मित्रे एवं पीयूष अग्रवाल का मॉडल चौथे तथा कुणाल बंसल का ‘मंदिर से हरियाली’ पांचवें स्थान पर रहा।
कार्यक्रम में प्रो. एसएल शर्मा, प्रो. प्रवीण अग्रवाल, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. सुश्मिता श्रीवास्तव, डॉ. राजेश लवानिया, डॉ. प्रवीन कुमार, डॉ. प्रज्ञा काबरा, डॉ. केके पचौरी, डॉ. मयंक प्रताप सिंह, डॉ. रेखा शर्मा समेत शिक्षक, विशेषज्ञ और विद्यार्थी मौजूद रहे।










