गाजियाबाद। गाजियाबाद चित्रांश महासभा की ओर से रविवार को लोहिया नगर स्थित महाराजा अग्रसेन भवन में कायस्थ महासम्मेलन के साथ चित्रांश संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान परिवेश में कायस्थ समाज में एकता की भावना को मजबूत करने के साथ सामाजिक योगदान को बढ़ावा देना रहा। सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से कायस्थ समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अब कायस्थ समाज को सरकारी अथवा निजी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय आत्मनिर्भर बनने और दूसरों को भी आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। समय आ गया है कि समाज के लोग स्वयं को स्थापित करने के साथ अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें।
नोएडा स्थित महर्षि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने भी समाज की वर्तमान भूमिका और सामाजिक सहभागिता पर अपने विचार रखे। लोनी, गाजियाबाद के विधायक नंद किशोर गुर्जर ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कायस्थ समाज की सहभागिता का उल्लेख किया।

विशेष आमंत्रण पर वाराणसी से पहुंचीं सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. विनीता श्रीवास्तव ने कहा कि आज के परिप्रेक्ष्य में कायस्थ समाज का एकजुट होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। अब समय आ गया है कि कायस्थ समाज अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर देश को दिशा देने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि समाज को ‘एक और एक ग्यारह’ की भावना के साथ एकजुट होकर कार्य करना होगा, ताकि समाज के साथ-साथ देश के विकासात्मक कार्यों में भी प्रभावी योगदान दिया जा सके।
डॉ. श्रीवास्तव ने शिक्षा और साक्षरता पर जोर देते हुए कहा कि आज आवश्यकता है कि कायस्थ समाज स्वयं साक्षर बने और अपने आसपास के लोगों को भी साक्षर करने को अपना उद्देश्य बनाए। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए शिक्षा को आधार बनाना होगा। ‘हम सुधरेंगे, देश सुधरेगा’ की भावना के साथ समाज को आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम में आए अतिथियों का स्वागत गाजियाबाद चित्रांश महासभा के अध्यक्ष विनोद कुमार श्रीवास्तव ने अंगवस्त्रम और प्रतीक चिह्न भेंट कर किया। कार्यक्रम के अंत में महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष नूपुर श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों और सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।










