वाराणसी। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश, जनपद शाखा वाराणसी की मासिक बैठक रविवार को कचहरी स्थित कोषागार परिसर के नव निर्मित पेंशनर कक्ष में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश्वर पाण्डेय ने की तथा संचालन जिला मंत्री जयराज बहादुर सिंह ने किया। बैठक में पेंशनरों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया गया।
बैठक में नवनिर्वाचित सदस्यों का स्वागत करने के साथ सितंबर माह में जन्म लेने वाले सदस्यों को शुभकामनाएं दी गईं। वक्ताओं ने पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय, वाराणसी में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए चिकित्सकों की समिति गठित कर प्रकरण ऑनलाइन भेजे जाने संबंधी व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि इस प्रक्रिया के कारण चिकित्सा प्रतिपूर्ति के भुगतान में अनावश्यक विलंब हो रहा है। संस्थान ने संबंधित आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।
पेंशनरों ने आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ सभी पेंशनरों को देने, कोरोना काल में रोके गए फ्रीज डीआर का भुगतान करने तथा 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर क्रमशः 5, 10 और 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन देने की मांग उठाई। इसके साथ ही डिजिटल पहचान पत्र जारी करने, वैलिडेशन एक्ट-2025 वापस लेने तथा रेल यात्रा में पूर्व की भांति 50 प्रतिशत की छूट बहाल करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई।

वक्ताओं ने वरिष्ठ नागरिकों के हितों की प्रभावी पैरवी के लिए राष्ट्रीय वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई। बैठक में संस्था की ओर से जारी परिचय पत्र सदस्यों को वितरित किए गए।
संस्था के पदाधिकारियों ने सदस्य संख्या बढ़ाने और संगठन की वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर भी जोर दिया। साथ ही पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर प्रांतीय संगठन के कार्यक्रमों के अनुरूप प्रभावी एवं चरणबद्ध संघर्ष करने का संकल्प लिया गया।
बैठक को के.आर. शास्त्री, ई. आनन्द लाल, संत लाल यादव, बंशी लाल जायसवाल, सुभाष सिंह, ई. सी.बी. सिंह, उमेश बहादुर सिंह, ई. संजय कुमार श्रीवास्तव, उर्मिला मोथे, ज्योत्सना श्रीवास्तव सहित अन्य सदस्यों ने संबोधित किया।










