वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शनिवार को विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद एवं मानविकी संकाय के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व से प्रेरित करते हुए कहा कि खेल केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. त्यागी ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर आयोजित इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विश्वविद्यालय परिसर में खेलमय और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करती हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का विकास होता है और विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षा के साथ खेलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। खेल स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।

विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के उपाध्यक्ष प्रो. ब्रजेश कुमार सिंह ने कहा कि खेलों के माध्यम से स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आपसी सहयोग और सौहार्द की भावना विकसित होती है। वहीं परिषद की सचिव डॉ. ऊर्जस्विता सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना तथा उनके सर्वांगीण व्यक्तित्व का विकास करना है।
प्रतियोगिताओं के क्रम में सर्वप्रथम रस्साकशी का आयोजन किया गया। छात्राओं की रस्साकशी प्रतियोगिता में समाज विज्ञान संकाय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मानविकी संकाय उपविजेता रहा। छात्रों की रस्साकशी प्रतियोगिता में विज्ञान संकाय विजेता तथा मानविकी संकाय उपविजेता रहा।
इसके पश्चात खो-खो प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्रों और छात्राओं की खो-खो प्रतियोगिताओं में क्रमशः विज्ञान संकाय और मानविकी संकाय संयुक्त विजेता रहे।
कार्यक्रम का संयोजन विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के खेल सहायक एवं विभिन्न खेलों के प्रभारी डॉ. अमरेंद्र कुमार सिंह तथा डॉ. राधेश्याम राय ने किया।
इस अवसर पर प्रो. राजेश कुमार मिश्र, कुलानुशासक डॉ. अम्बरीश राय, प्रो. आनंद शंकर चौधरी, प्रो. नंदिनी सिंह, प्रो. राजमुनि, प्रो. रमाश्रय, डॉ. नीरज धनखड़, डॉ. रविंद्र कुमार गौतम, डॉ. मनोज कुमार सिंह, डॉ. प्रियंका कुमारी सहित अंजय, गणेश, संतोष कुमार, अरविंद, ओमकार और रामलाल सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।










