चकिया, चंदौली, 23 अगस्त। डालिम्स सनबीम, चकिया में चल रही U-17 Boys CBSE East Zone Boxing Championship-2026 के तीसरे दिन मुकाबलों का रोमांच चरम पर पहुंच गया। 21 से 25 अगस्त तक आयोजित इस चैंपियनशिप में पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों से आए युवा मुक्केबाजों ने दमदार पंच, शानदार फुटवर्क, तकनीक और खेल भावना का प्रदर्शन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। प्रतियोगिता अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है और सेमीफाइनल व फाइनल मुकाबलों को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
सुबह से ही प्रतियोगिता स्थल पर खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों में खासा उत्साह रहा। विभिन्न भार वर्गों में हुए मुकाबलों में मुक्केबाजों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
रिंग में तेज आक्रमण के साथ मजबूत डिफेंस और सटीक रणनीति देखने को मिली।बड़े स्तर की प्रतियोगिता को देखते हुए विद्यालय प्रबंधन ने खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। आयोजन स्थल पर एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीम की व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लगातार खिलाड़ियों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रवेश, निकास और भीड़ व्यवस्था पर भी निगरानी रखी जा रही है। विद्यालय प्रबंधन, पुलिस और मेडिकल टीम के समन्वय से प्रतियोगिता सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में आगे बढ़ रही है।

चैंपियनशिप के तकनीकी निदेशक रॉबिन सिंह के निर्देशन और पर्यवेक्षक शशि प्रकाश सिंह की देखरेख में तीसरे दिन के मुकाबले कराए गए। उत्तर प्रदेश बॉक्सिंग एसोसिएशन (UPBA) के तकनीकी सहयोग से मुकाबलों में नियमों और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा गया।
46-48 किग्रा भार वर्ग में कृष्णा गुप्ता, नकुल प्रताप सिंह, कार्तिक जायसवाल और आरिज फतह ने तेज पंच, मजबूत डिफेंस और बेहतर फुटवर्क से प्रभाव छोड़ा।
48-50 किग्रा वर्ग में अभयराज सिंह, श्रेयांश शर्मा और हिमांशु यादव ने आक्रामक खेल के साथ रक्षात्मक रणनीति का शानदार तालमेल दिखाया।
50-52 किग्रा वर्ग में आदर्श कुमार राय और अंकित सिंह ने गति, धैर्य और सटीक पंचों से मुकाबले को रोमांचक बनाया।
वहीं 52-54 किग्रा वर्ग में अथर्व रावत, रोनित द्विवेदी और मनु प्रताप सिंह ने फुर्ती और रणनीतिक कौशल का प्रदर्शन करते हुए अगले दौर में जगह बनाने के लिए पूरा जोर लगाया।
चैंपियनशिप के सफल आयोजन में विद्यालय के प्रबंध निदेशक डॉ. विवेक प्रताप सिंह के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और संघर्ष का जज्बा विकसित करते हैं। विद्यालय शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानाचार्या स्मिता जैन ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के बल पर युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकते हैं।
अब चैंपियनशिप अपने निर्णायक चरण की ओर बढ़ रही है। सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में पदक के दावेदार मुक्केबाजों के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है। डालिम्स सनबीम, चकिया का परिसर इन दिनों युवा खेल प्रतिभाओं के जोश, जज्बे और प्रतिस्पर्धा से सराबोर है।










