वाराणसी, 21 अगस्त। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा को लगातार दूसरे तीन वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनः नियुक्त किए जाने से विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष का माहौल है। कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने 17 अगस्त 2026 को प्रो. शर्मा की पुनर्नियुक्ति संबंधी पत्र जारी किया। वह 22 अगस्त को अपने दूसरे कार्यकाल का दायित्व ग्रहण करेंगे।
प्रो. शर्मा ने 22 अगस्त 2023 को अपने प्रथम कार्यकाल का कार्यभार संभाला था। विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार किसी कुलपति को लगातार तीन वर्ष का कार्यकाल विस्तार मिलने को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पुनर्नियुक्ति की सूचना के बाद विश्वविद्यालय परिवार के साथ संस्कृत महाविद्यालयों, शिक्षाविदों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से भी उनके स्वागत एवं अभिनंदन का सिलसिला जारी है।
प्रथम कार्यकाल में प्रो. शर्मा ने विश्वविद्यालय की मूल पहचान संस्कृत, भारतीय ज्ञान परंपरा और शास्त्रीय शिक्षा को केंद्र में रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं के साथ इनके समन्वय पर जोर दिया। संस्कृत के संरक्षण एवं संवर्धन के साथ संस्कृत महाविद्यालयों के शैक्षणिक और संस्थागत विकास को भी प्राथमिकता दी गई।

उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण, विभिन्न संस्थानों के साथ अकादमिक सहयोग तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल हुईं। संस्कृत शिक्षा से जुड़े महाविद्यालयों को मुख्यधारा में और अधिक सशक्त बनाने के प्रयास भी निरंतर किए गए।
पुनर्नियुक्ति पर विश्वविद्यालय परिवार ने प्रो. शर्मा का माल्यार्पण कर स्वागत किया। शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके अनुभव, दूरदृष्टि और संस्कृत एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति प्रतिबद्धता से विश्वविद्यालय विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
दूसरे कार्यकाल को लेकर विश्वविद्यालय परिवार में नई ऊर्जा और उत्साह का वातावरण है।










