वाराणसी। काशी की कला प्रतिभाओं को मंच और प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से आयोजित काशी सांसद स्केचिंग, पेंटिंग एवं फोटोग्राफी प्रतियोगिता-2026 का गुरुवार को सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में भव्य समापन हुआ। 3 से 20 अगस्त तक चले इस आयोजन में काशी के हजारों बच्चों और युवाओं ने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से भाग लेकर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में विभिन्न आयु वर्गों के विजेता प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी, प्रशासनिक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में प्रतिभागी मौजूद रहे।
भाजपा महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने विजेता एवं प्रतिभागी बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि काशी के बच्चों और युवाओं में अद्भुत कलात्मक प्रतिभा है। ऐसे आयोजन उनकी प्रतिभा को पहचान देने और उसे निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि काशी केवल आध्यात्मिक एवं धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि संगीत, साहित्य, कला और ज्ञान की भी विश्वविख्यात राजधानी है। कला प्रतिभाओं को उचित मंच उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विकास के नए आयाम स्थापित करने के साथ अपनी सांस्कृतिक एवं कलात्मक विरासत को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। बच्चों और युवाओं में छिपी प्रतिभा को अवसर देकर उसे आगे बढ़ाना ऐसे आयोजनों का उद्देश्य है।
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की तुलना दूसरे बच्चों से न करें। यदि बच्चे की रुचि पेंटिंग, स्केचिंग, फोटोग्राफी, संगीत, खेल या किसी अन्य क्षेत्र में है तो उसकी प्रतिभा को समझते हुए उसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चे की क्षमता का आकलन केवल परीक्षा में मिले अंकों से नहीं किया जा सकता। उसका हुनर ही भविष्य में उसकी सबसे बड़ी पहचान बन सकता है।
उन्होंने कहा कि काशी सदियों से साहित्यकारों, संगीतज्ञों और विद्वानों को आकर्षित करती रही है। भगवान बुद्ध से लेकर आदि शंकराचार्य तक अनेक महान विभूतियों ने इसे ज्ञान और विचार-विमर्श की भूमि बनाया। आज काशी के बच्चे अपनी कला के माध्यम से इस गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।
आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने प्रतिभागी बच्चों की कला की सराहना करते हुए कहा कि पेंटिंग, स्केचिंग और फोटोग्राफी केवल मनोरंजन के माध्यम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और जीवन को देखने तथा दुनिया के सामने प्रस्तुत करने की सशक्त विधाएं हैं। कलाकार की कल्पना और दृष्टि से तैयार रचना आने वाली पीढ़ियों के लिए विरासत बन सकती है।
उन्होंने कहा कि एक तस्वीर कई बार हजारों शब्दों से अधिक प्रभाव छोड़ती है। फोटोग्राफी समाज की वास्तविकताओं, संवेदनाओं, संघर्षों और सुंदरता को सामने लाने का प्रभावी माध्यम है, जबकि पेंटिंग और स्केचिंग कलाकार की कल्पना को स्थायी रूप प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों से अपनी रुचि के क्षेत्र में निरंतर अभ्यास कर प्रतिभा को निखारने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि उनके मन में उठने वाले प्रश्नों को खुलकर सामने रखना चाहिए। पढ़ाई, स्कूल, मोहल्ले और भविष्य से जुड़े सवाल पूछने के लिए उन्होंने बच्चों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास की पहली सीढ़ी है।
जिलाधिकारी ने प्रतिभागियों की पेंटिंग एवं स्केचिंग की सराहना करते हुए उनकी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता को प्रशंसनीय बताया। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए मौसम और वर्षा से जुड़े सवालों पर भी सहजता से चर्चा की तथा अपने अनुभव साझा करने के लिए प्रेरित किया।
प्रतियोगिता में कक्षा 1 से 5, कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा कक्षा 12 से ऊपर सामान्य वर्ग के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के माध्यम से विद्यालयों के साथ ग्रामीण एवं छोटे क्षेत्रों के बच्चों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
प्रतियोगिता के प्रमुख विजेताओं में प्रथा पाण्डेय, अयान कश्यप, सानवी चौहान, प्रियंका पाण्डेय, इशिका सिंह, सानवी पटेल, उपमन्यु, उष्का पटेल, भूमि विश्वकर्मा, पृथ्वीराज पाल, अथर्व कुशवाहा, आराध्या राजभर, अगम्य सिंह, श्रेयान सिंह, कार्तिक, शहनाज सुंदर, अनन्या शर्मा, अनन्या सिंह, मुस्कान सरोज और जोशी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल रहे।
कार्यक्रम का संचालन आशुतोष पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर चंद्रशेखर उपाध्याय, प्रमील पाण्डेय, अमित श्रीवास्तव सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारी, शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।










