वाराणसी। मंडलीय होमगार्ड प्रशिक्षण केंद्र, रामनगर में जिला कमाण्डेन्ट बृजेश मिश्रा के मार्गदर्शन में रविवार को निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने 79 होमगार्ड जवानों एवं कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। साथ ही योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश भी दिया गया।
शिविर को संबोधित करते हुए डॉ. स्वाति तिवारी ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य ही प्रभावी सेवा की आधारशिला है। उन्होंने नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, संतुलित आहार, योग एवं व्यायाम को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा किसी भी बीमारी के शुरुआती लक्षणों की अनदेखी न करने की सलाह दी। उनका कहना था कि समय पर जांच से गंभीर बीमारियों का शीघ्र पता लगाकर प्रभावी उपचार संभव हो जाता है।
डॉ. सैंधवी सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनसे बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। वहीं डॉ. शालू सिंह ने संतुलित आहार, स्वच्छता और नियमित व्यायाम को स्वस्थ जीवन की कुंजी बताते हुए कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां भी कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।

डॉ. दिलीप यादव ने कहा कि किसी भी रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान होने पर उपचार अधिक प्रभावी होता है। उन्होंने सभी जवानों और कर्मचारियों से समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आह्वान किया।
जिला कमाण्डेन्ट बृजेश मिश्रा ने कहा कि होमगार्ड जवानों का स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सा शिविर नियमित अंतराल पर आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि जवान बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर पूरी क्षमता और दक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान योग प्रशिक्षक मनीष कुमार पाण्डेय ने कमर दर्द, सर्वाइकल, घुटनों की समस्या, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, तनाव एवं श्वसन संबंधी रोगों के लिए उपयोगी योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया। उन्होंने बताया कि नियमित योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक संतुलन, कार्यक्षमता और एकाग्रता बढ़ाने में भी सहायक है।
शिविर में मेजर रितेश मिश्रा एवं इंस्पेक्टर अरुण सिंह भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने चिकित्सा दल के प्रयासों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने पर बल दिया। अंत में चिकित्सा दल के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया गया।










