वाराणसी, 17 जुलाई। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को भारत के महालेखाकार (ए.जी.) कार्यालय, प्रयागराज की दो सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने लेखा विभाग एवं डेटा एंट्री अनुभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रबंधन प्रणाली का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय में डिजिटल, पारदर्शी एवं पेपरलेस वित्तीय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से वित्तीय अभिलेखों एवं लेखा संबंधी दस्तावेजों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन रिकॉर्ड प्रबंधन तथा महालेखाकार कार्यालय से समन्वय स्थापित कर ई-ऑडिट प्रक्रिया संचालित करने की व्यावहारिक जानकारी दी। साथ ही प्रतिभागियों को नवीन तकनीकी प्रावधानों एवं ऑनलाइन लेखा प्रणाली की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।
विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी हरिशंकर मिश्र ने कहा कि ई-गवर्नेंस आधारित लेखा प्रणाली शासन की पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगी। इससे वित्तीय कार्यों में शुचिता, जवाबदेही, समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी, वहीं पेपरलेस कार्यालय व्यवस्था को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से तकनीकी विषयों पर संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। समापन पर सभी कर्मचारियों ने ई-ऑडिट एवं ऑनलाइन लेखा प्रणाली का प्रभावी उपयोग करते हुए विश्वविद्यालय को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी एवं उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।








