वाराणसी। श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर संगठन के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में श्रमिकों ने शास्त्री घाट से जिला मुख्यालय तक मार्च निकाला। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर उनके शीघ्र समाधान की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था और विकास की आधारशिला हैं। ऐसे में उन्हें सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर पेंशन और चिकित्सा सुविधाएं मिलना उनका अधिकार है। उन्होंने सरकार से श्रमिक हितों से जुड़ी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
प्रमुख मांगों में न्यूनतम मासिक वेतन ₹30 हजार करने, ईएसआईसी की वेतन सीमा ₹21 हजार से बढ़ाकर ₹42 हजार करने, ईपीएस के तहत न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रतिमाह के साथ डीए एवं चिकित्सा सुविधा देने की मांग शामिल है। इसके अलावा ईपीएफ की वेतन सीमा ₹15 हजार से बढ़ाकर ₹30 हजार तथा बोनस गणना की सीमा ₹7 हजार से बढ़ाकर ₹18 हजार करने की मांग की गई।

संगठन ने बोनस पात्रता की वेतन सीमा ₹21 हजार से बढ़ाकर ₹42 हजार करने, योजनागत एवं संविदा कर्मियों के मानदेय में वृद्धि, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने तथा श्रम संहिताओं के श्रमिक-विरोधी प्रावधान समाप्त करने की मांग भी उठाई। साथ ही ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा ₹40 लाख करने और बैंकिंग क्षेत्र में सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की मांग की गई।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान किए बिना समावेशी विकास की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने सरकार से श्रमिकों के हित में ठोस कदम उठाने की मांग की।
भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि मांगों के समाधान के लिए संगठन लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपना संघर्ष आगे भी जारी रखेगा। प्रदर्शन में राकेश पांडे, बालेश्वर सिंह, संतोष कुमार सिंह, दूधनाथ, विकास केसरी, सुंदर लाल, शंकर दयाल, अमित वत्स सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।










