वाराणसी। स्वर्णकार समाज वाराणसी के वरिष्ठ संरक्षक एवं समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मोतीलाल सेठ (80 वर्ष) का सोमवार की रात दारानगर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन से स्वर्णकार समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों में शोक की लहर दौड़ गई।
मोतीलाल सेठ ने स्वर्णकार समाज को संगठित करने और समाज के हितों के लिए लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। वर्ष 1996 में वह स्वर्णकार समाज वाराणसी के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद भी वह लगातार समाज की गतिविधियों से जुड़े रहे और वर्तमान में समाज के संरक्षक के रूप में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे थे।
उन्होंने स्वर्णकार समाज धर्मशाला के निर्माण सहित समाज के विकास एवं संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई और बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर शहर उत्तरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव भी लड़ा था।

उनके निधन की सूचना मिलते ही स्वर्णकार समाज के संरक्षक मुरली मनोहर सिंह, पूर्व महामंत्री डा. कैलाश सिंह विकास, प्रदीप जौहरी एवं ओमकार सेठ सहित अनेक समाजसेवी एवं गणमान्य लोग उनके दारानगर स्थित आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।
मंगलवार को उनकी अंतिम यात्रा दारानगर स्थित आवास से निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए मणिकर्णिका घाट पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम यात्रा में मुरली मनोहर सिंह, डा. कैलाश सिंह विकास, कृष्ण कुमार सेठ, रवि सर्राफ, विष्णु दयाल सेठ, किशन सेठ एडवोकेट, किशोर सेठ, प्रदीप जौहरी, कमल कुमार सिंह, श्याम सुंदर सिंह, ओमकार सेठ, घनश्याम सिंह बच्चा, राजू वर्मा, मनोज कुमार सिंह सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, स्वर्णकार समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में शुभचिंतक शामिल रहे।










