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सिगरा में महर्षि दयानन्द की 202वीं जयंती पर वैदिक अनुष्ठान, समाज सुधार पर हुआ मंथन

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वाराणसी। जिला आर्य प्रतिनिधि सभा वाराणसी, आर्य समाज लल्लापुरा एवं आर्य समाज भोजूवीर के संयुक्त तत्वावधान में वेद एवं सनातन धर्म के यथार्थ प्रवक्ता महर्षि दयानन्द सरस्वती की 202वीं जयंती गुरुवार को सिगरा स्थित लाल बहादुर शास्त्री पार्क के समीप श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ अनुष्ठान, ऋषि चर्चा तथा प्रसाद वितरण किया गया।

सभा के प्रधान प्रमोद आर्य आर्षेय के आचार्यत्व एवं नेतृत्व में तथा यजमान सीए विष्णु प्रसाद के संयोजन में विधिवत यज्ञ संपन्न हुआ। यज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक समरसता और राष्ट्र कल्याण की कामना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने वैदिक परंपरा के अनुसार आहुतियां अर्पित कर महर्षि दयानन्द के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

ऋषि चर्चा के दौरान प्रधान प्रमोद आर्य ने कहा कि महर्षि दयानन्द ने ‘वेदों की ओर लौटो’ का संदेश देकर समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वासों और भेदभाव के विरुद्ध व्यापक आंदोलन चलाया। उन्होंने गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगी जी ने दयानन्द सरस्वती को महाभारत काल के बाद का महानतम योगी, वेदज्ञ और समाज सुधारक बताया है। स्वामी दयानन्द ने छुआछूत, ऊँच-नीच और सामाजिक असमानता के विरुद्ध संघर्ष करते हुए दलितों और महिलाओं को वेदाध्ययन का अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

सीए विष्णु प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि महर्षि दयानन्द द्वारा रचित अमर ग्रंथ ‘सत्यार्थ प्रकाश’ आज भी समाज को सत्य, तर्क और वैदिक सिद्धांतों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से वैदिक साहित्य के अध्ययन का आह्वान किया।

आर्य रवि प्रकाश बरनवाल ने कहा कि स्वामी दयानन्द स्वराज के प्रथम मंत्रद्रष्टा, महान गौरक्षक और समतामूलक समाज के प्रवर्तक थे। उनके विचार आज भी राष्ट्र निर्माण में प्रासंगिक हैं। प्रद्युम्न आर्य द्वारा प्रस्तुत ऋषि गीत ने कार्यक्रम को भावपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर रवि प्रकाश आर्य, प्रदीप आर्य, चन्द्रपाल आर्य, राजकुमार वैद्य, चन्द्रदीप आर्य, सुशील आर्य, डॉ. अनिल मित्रा, गोपाल आर्य, कृष्ण कुमार आर्य, अखिलेश आर्य, सूरज प्रकाश बरनवाल, विन्ध्वासिनी पाठक (एडवोकेट), वेद प्रकाश बृजवासी, वेद प्रकाश आर्य, विजय आर्य, सत्येंद्र आर्य सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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