वाराणसी, 02 अगस्त। उत्तर प्रदेश शासन एवं राजभवन के निर्देशानुसार संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में रविवार को ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विश्वविद्यालय मुख्य परिसर के साथ ही सभी संबद्ध महाविद्यालयों में प्रधानमंत्री के नशामुक्ति विषयक संदेश का सामूहिक श्रवण कराया गया तथा छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने नशामुक्त भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा के मार्गदर्शन एवं कुलसचिव राकेश कुमार के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 10 बजे प्रधानमंत्री के प्रेरक संबोधन के सामूहिक श्रवण से हुआ। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और संस्कारित जीवन अपनाने का आह्वान किया तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाशक्ति की निर्णायक भूमिका पर बल दिया।
संबोधन के उपरांत कुलपति, कुलसचिव, शिक्षकगण, अधिकारी, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी तथा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के स्वयंसेवकों ने नशामुक्त भारत के निर्माण की सामूहिक शपथ ली। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक अभियान में सहभागिता की।

अभियान के अंतर्गत प्रतिभागियों ने ‘माई भारत’ ऐप पर पंजीकरण कर डिजिटल प्रतिज्ञा ली तथा नशामुक्ति अभियान से जुड़ने का प्रमाण-पत्र भी प्राप्त किया। इस दौरान युवाओं को नशे के सामाजिक, पारिवारिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ऊर्जा है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित एवं चरित्रवान युवा ही आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ-साथ समाज में भी नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया।
अभियान के विश्वविद्यालय संयोजक प्रो. शैलेश कुमार मिश्र तथा सह-संयोजक डॉ. रविशंकर पाण्डेय के समन्वय में कार्यक्रम का सफल संचालन हुआ। इस अवसर पर डॉ. दुर्गेश पाठक सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।










