वाराणसी। शिव सेवा संस्थान के तत्वावधान में महमूरगंज स्थित बालाजी पैलेस में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर प्रख्यात कथा मर्मज्ञ पं. श्रीकांत शर्मा ‘बालव्यास’ ने कहा कि शिव महापुराण कथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है। यह अमृतमयी ग्रंथ मानव जीवन को धर्म, भक्ति और आत्मकल्याण की दिशा प्रदान करता है तथा युगों-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता रहेगा।
उन्होंने कहा कि शिव महापुराण गंगा की अविरल धारा की भांति जन-जन के कल्याण का संदेश देता है। काशी जैसी पावन नगरी में इस कथा का श्रवण विशेष फलदायी माना गया है। सनातन धर्म की महान विभूतियां भी काशी में आकर कथा श्रवण और आयोजन की इच्छा रखती हैं। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति की आध्यात्मिक शक्ति और भारतीय परंपरा का तेज ही लोगों को निरंतर अपनी ओर आकर्षित करता है।
कथा प्रारंभ होने से पूर्व यजमान मां गायत्री देवी लोहिया बीपीएल सेवा संस्थान ट्रस्ट के संजय सिद्धार्थ लोहिया एवं उनकी धर्मपत्नी ने विधि-विधान से शिव महापुराण पोथी का पूजन-अर्चन किया। संजय सिद्धार्थ लोहिया ने बताया कि कथा के साथ-साथ 251 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा सात दिनों तक शिव महापुराण का मूल पाठ किया जा रहा है। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं की सहभागिता से रुद्राभिषेक का भव्य आयोजन होगा।

इस अवसर पर अवधेश खेमका, गोपाल अग्रवाल, मनीष गिनोडिया, सुमित अग्रवाल सहित कोलकाता, दिल्ली, मद्रास एवं अन्य राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।










