वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षा शास्त्र विभाग की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ संस्कार, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रेरणा दी। इस दौरान जून 2026 में यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में कुलानुशासक डॉ. अम्बरीश राय ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थी के भीतर उस क्षमता को पहचान लेता है, जिसे वह स्वयं भी नहीं देख पाता। शिक्षक की कही गई एक बात कई बार पूरे जीवन की दिशा बदल देती है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक विद्यार्थी को सुधारता है, उसकी गलती बताता है या किसी कार्य से रोकता है, तो उसे आलोचना के रूप में नहीं, बल्कि मार्गदर्शन के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकान्त सिंह ने कहा कि जब कोई विद्यार्थी जीवन में सफलता प्राप्त करता है, समाज में सम्मान अर्जित करता है और अच्छे कार्यों के माध्यम से अपनी पहचान बनाता है, तब शिक्षक को उससे कहीं अधिक प्रसन्नता होती है, जितनी किसी पुरस्कार से होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षकों के मार्गदर्शन को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।
समारोह में जून 2026 की यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले बादल सिंह, जीवन ज्योति, आकांक्षा शर्मा, विवेक चौबे, भानु प्रताप यादव, मयूरी सोनकर, अनामिका पाठक और तनु बाजपेई को सम्मान पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डॉ. राखी देब, डॉ. ध्यानेंद्र मिश्रा, डॉ. राजेंद्र यादव, डॉ. वीणा वादिनी, डॉ. ज्योत्सना राय, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. विनय सिंह, शिखा राय सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।










