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वाराणसी: पेंशनरों ने कटोरी-चम्मच बजाकर किया आवाज बुलंद, प्रशासनिक उपेक्षा से आहत

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वाराणसी, 29 नवंबर, 2025। शहर के हृदय स्थल कचहरी चौराहे से एक अलग तरह का जुलूस निकला, जिसमें नारे नहीं, बल्कि कटोरी-चम्मच की खनखनाहट और वरिष्ठ नागरिकों के मौन आक्रोश की गूंज थी। वरिष्ठ नागरिक पेंशनर सेवा संस्थान, वाराणसी के तत्वावधान में सैकड़ों पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक मौन जुलूस निकाला। हालांकि, पूर्व सूचना के बावजूद प्रशासन की ओर से मिली उदासीनतापूर्ण प्रतिक्रिया ने उनके इस अहिंसक विरोध को एक सवाल में बदल दिया। कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता एवं जिला अध्यक्ष श्री राजेश्वर पांडे ने अपने वक्तव्य में कहा, “यह मौन जुलूस हमारी निराशा की अंतिम चेतावनी है। हमने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी है, लेकिन आज तक हमारी सुनवाई नहीं हुई। ‘कैशलेस मेडिकल सुविधा’ जैसी बुनियादी मांगें अटकी पड़ी हैं। कटोरी-चम्मच बजाना हमारे लिए विरोग का प्रतीक है, क्योंकि यही चीजें अब हमारी जेब पर भारी पड़ रही हैं।” वहीं, जिला मंत्री श्री जयराज बहादुर सिंह ने प्रशासन की लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा, “यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे इस शांतिपूर्ण और अनुशासित प्रदर्शन को भी प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। पूर्व सूचना के बाद भी कोई वरिष्ठ अधिकारी हमसे रुबरू नहीं हुआ। जिस ‘बेमन’ से अपर जिलाधिकारी साहब के प्रतिनिधि आए और चले गए, वह पूरे प्रशासन की हमारे प्रति सोच को दर्शाता है। हम सम्मान और अधिकार चाहते हैं, उपेक्षा नहीं।” जुलूस में शामिल पेंशनरों के हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर उनकी व्यथा साफ झलक रही थी। ‘पेंशनरों की पीड़ा अनसुनी नहीं’, ‘पेंशनर/सम्मान हमारा अधिकार, उपेक्षा बर्दाश्त नहीं’ और ‘नकद नहीं, कैशलेस चिकित्सा सुविधा दो’ जैसे नारे उनकी मुख्य मांगों को उजागर कर रहे थे।रिपोर्ट के अनुसार, काफी समय प्रतीक्षा के बाद अपर जिलाधिकारी (प्रोटोकॉल)  के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। हालाँकि, उनके द्वारा जल्दबाजी में यह कहकर चले जाना कि ‘SIR में सभी अधिकारी शामिल हैं’, पेंशनरों के लिए एक झटके के समान था। इस कार्यवाही ने प्रशासन और आम जनता के बीच बढ़ती खाई को एक बार फिर उजागर कर दिया है। इस शांतिपूर्ण लेकिन तीखे विरोध ने स्पष्ट कर दिया है कि वाराणसी के वरिष्ठ पेंशनर अब उपेक्षा सहन करने को तैयार नहीं हैं और उनकी यह ‘मौन चेतावनी’ यदि अनसुनी रही, तो आगामी रणनीति और कठोर हो सकती है।इस मौन जुलूस एवं सभा में मुख्य रूप से श्री राजेश्वर पांडे (जिला अध्यक्ष),श्री जयराज बहादुर सिंह (जिला मंत्री),के. आर. शास्त्री,इंजीनियर संजय कुमार श्रीवास्तव,बंसीलाल जायसवाल, पूजन पाल,दीपेंद्र कुमार श्रीवास्तव,इकरार हुसैन,त्रिलोचन तिवारी, उमेश चंद्र राय,उमेश बहादुर सिंह,रोशन आर्य,रामधनी,विनोद सिंह, होरीलाल और राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव शामिल रहे  इसके अलावा जनपद के सैकड़ों अन्य पेंशनरों ने भी इस कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी की तथा अपना पक्ष रखा।

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