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काशी विद्यापीठ में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

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वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न विभागों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाषण, निबंध एवं स्पीच प्रतियोगिता, व्याख्यान, संगोष्ठी, नुक्कड़ नाटक, स्लोगन, योग तथा जनजागरूकता रैली के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया।

मनोविज्ञान विभाग में भाषण प्रतियोगिता एवं जनजागरूकता कार्यक्रम हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. शेफाली वर्मा ठकराल ने कहा कि नशा व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ सामाजिक, आर्थिक, पारिवारिक और आध्यात्मिक जीवन को भी प्रभावित करता है।

कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। संचालन डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. दीपमाला सिंह बघेल ने किया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में समाज विज्ञान संकाय में आयोजित व्याख्यान श्रृंखला में मुख्य अतिथि प्रवेश सेल के समन्वयक प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने नशाखोरी के कारणों और इसके दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता ने अभियान की प्रासंगिकता बताई, जबकि कार्यक्रम अधिकारी प्रो. भारती रस्तोगी ने ‘नशा मुक्त भारत की संकल्पना’ विषय पर विचार रखे। उन्होंने युवाओं में बढ़ती अपराध प्रवृत्ति को नशे का गंभीर दुष्परिणाम बताया।

शिक्षाशास्त्र विभाग एवं एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में भाषण प्रतियोगिता हुई। डॉ. राहुल गुप्ता ने विद्यार्थियों को नशामुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया। विभागाध्यक्ष प्रो. रमाकांत सिंह ने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ नशे जैसी बुराई से दूर रहने का आह्वान किया। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, भाषण, स्लोगन, संगीत और योग के माध्यम से जागरूकता का संदेश दिया।

विधि विभाग में ‘भारत में नशा मुक्ति उन्मूलन’ विषय पर निबंध लेखन एवं स्पीच प्रतियोगिता हुई, जिसमें करीब 27 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और परिवार को प्रभावित करता है। डॉ. शिल्पी गुप्ता ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक सहयोग की आवश्यकता बताई। प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ दिलाने के बाद जनजागरूकता रैली निकाली गई।

हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग में व्याख्यान माला के दौरान प्रो. अनुराग कुमार ने कहा कि नशे की समस्या से परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज का प्रत्येक वर्ग प्रभावित होता है। प्रो. निरंजन सहाय ने नशे को मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया।

विभागाध्यक्ष राजमुनि ने नशामुक्त समाज के लिए सरकार के साथ प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।

दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग में भाषण प्रतियोगिता एवं संगोष्ठी आयोजित हुई। मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि नशे का असर व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास पर भी पड़ता है। वैद्य डॉ. राकेश कुमार सिंह ने नशामुक्त जीवन की आवश्यकता पर विचार रखे। दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो. नन्दिनी सिंह ने संयम, आत्मनियंत्रण और योग को नकारात्मक प्रवृत्तियों पर नियंत्रण का प्रभावी माध्यम बताया।
अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग में विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। प्रो. निशा सिंह ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया। विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़ ने नशे के कुप्रभाव बताते हुए जागरूकता कार्यक्रमों की सराहना की। संचालन डॉ. धीरेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया।

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