वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बिना किसी ठोस कारण के लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताते हुए अलोकतांत्रिक और तानाशाही प्रवृत्ति का प्रतीक बताया। राघवेंद्र चौबे ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक गतिविधियों को पुलिसिया दमन के माध्यम से दबाने का प्रयास अत्यंत निंदनीय है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सदैव संविधान, लोकतंत्र और जनअधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है, लेकिन वर्तमान में वाराणसी में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना कारण बताए नजरबंद किया जाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और केंद्र सरकारें लोकतांत्रिक विरोध से भयभीत हैं और जनता की आवाज उठाने वालों को डराने, दबाने और चुप कराने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह रवैया न केवल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ अन्याय है, बल्कि देश के लोकतंत्र के लिए भी गंभीर खतरा है। महानगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इन दमनकारी हथकंडों से डरने वाली नहीं है। यदि यह पुलिसिया उत्पीड़न तत्काल बंद नहीं किया गया, तो पूरे मामले को मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका के समक्ष ले जाकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से न्याय की लड़ाई लड़ी जाएगी।उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता सत्य, अहिंसा और संविधान के मार्ग पर अडिग है तथा दमन के बल पर जनआंदोलन को रोका नहीं जा सकता।









