चन्दौली। फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंक से 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन हासिल करने के मामले में चन्दौली पुलिस ने वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया। थाना चन्दौली पुलिस ने साइबर टीम और सर्विलांस सेल की मदद से कार्रवाई करते हुए विजय कुमार राय को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक अभियुक्त ने खुद को रेलवे कर्मचारी बताकर फर्जी पे-स्लिप, विभागीय प्रमाणपत्र समेत अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए थे।
पुलिस के अनुसार भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), आईटीआई मॉल शाखा, चन्दौली के शाखा प्रबंधक ने 14 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि विजय कुमार राय ने रेलवे कर्मचारी होने का दावा करते हुए फर्जी दस्तावेज बैंक में प्रस्तुत किए और इन्हीं के आधार पर 15 नवंबर 2022 को ‘एक्स-प्रेस क्रेडिट योजना’ के तहत 20 लाख रुपये का पर्सनल लोन स्वीकृत करा लिया।
लोन की किश्तें निर्धारित प्रक्रिया के तहत वेतन खाते से काटी जानी थीं, लेकिन बैंक को किश्तों की धनराशि प्राप्त नहीं हुई। मामले में संदेह होने पर बैंक स्तर से जांच कराई गई तो पता चला कि अभियुक्त रेलवे विभाग का कर्मचारी नहीं है। जांच में उसके द्वारा प्रस्तुत पे-स्लिप और अन्य दस्तावेज भी कूटरचित पाए गए।
शिकायत के आधार पर थाना चन्दौली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त की तलाश शुरू की गई। पुलिस उच्चाधिकारियों के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में थाना पुलिस, साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने तकनीकी जानकारी के आधार पर उसकी तलाश तेज कर दी।

पुलिस टीम ने बुधवार, 9 सितंबर 2026 को दिन में करीब 11:40 बजे वांछित अभियुक्त विजय कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस के अनुसार अभियुक्त ने आर्थिक लाभ के लिए खुद को रेलवे कर्मचारी दर्शाकर फर्जी पे-स्लिप और प्रमाणपत्र तैयार करने तथा इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण हासिल करने की बात स्वीकार की। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय में पेश करने के लिए भेज दिया गया
गिरफ्तार विजय कुमार राय (42) पुत्र झूठी राय मूल रूप से ग्राम चुकती, थाना मान्सी, जिला खगड़िया, बिहार का निवासी है। वर्तमान में वह बारो कादिरचक, वार्ड नंबर-23, थाना फुलवरिया, जिला बेगूसराय, बिहार में रह रहा था।
कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक विन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय, निरीक्षक दुर्गेश यादव, निरीक्षक रामजीत यादव, आरक्षी उमंग राय, आरक्षी राजकुमार सरोज, साइबर सेल के उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग व हेड कांस्टेबल संतोष सिंह तथा सर्विलांस सेल के आरक्षी मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










