वाराणसी। चिरईगांव ब्लॉक संसाधन केंद्र पर राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान आधारित विद्यार्थियों की क्विज़ प्रतियोगिता का सोमवार को सफल, प्रेरणादायी एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, नवाचार तथा प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना रहा।
प्रतियोगिता का आयोजन दो चरणों में किया गया। प्रथम चरण में ब्लॉक के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों के लिए मल्टीपल चॉइस प्रश्न (MCQ) आधारित लिखित परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 25 विद्यार्थियों का चयन द्वितीय चरण के लिए किया गया।
द्वितीय चरण में चयनित विद्यार्थियों को रैंडम चयन के आधार पर पाँच–पाँच विद्यार्थियों की टीमों में विभाजित किया गया। इन टीमों का नाम महान भारतीय वैज्ञानिकों—डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, सी.वी. रमन, जगदीश चंद्र बोस, होमी जहाँगीर भाभा एवं विक्रम साराभाई—के नाम पर रखा गया। डेस्क राउंड के माध्यम से प्रश्नोत्तर प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें सभी टीमों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

प्रतियोगिता के अंत में विजेता टीम के पाँचों विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए, जबकि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी विद्यार्थियों को प्रतिभागिता प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन के जीवन एवं योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई, जिससे बच्चों में गणित विषय के प्रति रुचि एवं आत्मविश्वास का विकास हुआ।
इस विज्ञान आधारित क्विज़ प्रतियोगिता के आयोजन एवं संचालन में विज्ञान विषय की एआरपी श्रीमती रश्मि त्रिपाठी की विशेष भूमिका रही। एआरपी सामाजिक विषय के उमेश त्रिपाठी, एआरपी गणित के श्रीनिवास सिंह एवं पूर्व एआरपी मनीष कुशवाहा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। निरीक्षक/मूल्यांकन के रूप में कल्पना तिवारी, अर्चना सिंह, अल्का श्रीवास्तव, ब्रह्मानन्द राय एवं कमलेश कुमार ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती प्रीती सिंह ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश देते हुए बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने, प्रश्न पूछने की आदत विकसित करने तथा विज्ञान एवं गणित को जीवन से जोड़कर सीखने के लिए प्रेरित किया। उनके संदेश से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिज्ञासा एवं आगे बढ़ने की नई ऊर्जा का संचार हुआ।
कुल मिलाकर यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं स्मरणीय रहा, जिसने राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के उद्देश्यों को सार्थक रूप से साकार किया।









