नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक बड़ा और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत में आयोजित होने वाले आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 से बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट टीम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह भारत में खेलने नहीं आएगी, जिसके बाद टूर्नामेंट पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट 7 फरवरी 2026 से प्रस्तावित है, जिसकी मेजबानी भारत कर रहा है। लेकिन बांग्लादेश के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को भी असहज स्थिति में ला खड़ा किया है।
सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी से मांग की थी कि उनके मुकाबले भारत के बाहर किसी अन्य देश में कराए जाएं, लेकिन आईसीसी ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। आईसीसी का तर्क था कि भारत में सभी सुरक्षा और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और किसी एक टीम के लिए स्थल परिवर्तन संभव नहीं है। आईसीसी द्वारा मांग अस्वीकार किए जाने के बाद बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप से हटने का कठोर फैसला ले लिया।

इस पूरे विवाद की जड़ इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से जुड़ी बताई जा रही है। हाल ही में बांग्लादेश के एक प्रमुख खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में तल्खी आई। इसके बाद सुरक्षा और सम्मान को लेकर सवाल उठाए गए, जो अब सीधे वर्ल्ड कप तक पहुंच गए हैं। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि
“जब हमारे खिलाड़ियों को फ्रेंचाइज़ी लीग में असुरक्षा और अपमान का सामना करना पड़ता है, तो विश्व कप जैसे बड़े आयोजन में भारत आना मुश्किल है।”
बांग्लादेश के बहिष्कार से टूर्नामेंट के शेड्यूल, ग्रुप समीकरण और व्यावसायिक संतुलन पर असर पड़ सकता है। आईसीसी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि बांग्लादेश की जगह किस टीम को शामिल किया जाए। क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा तेज है कि किसी क्वालिफायर टीम को मौका दिया जा सकता है। बांग्लादेश के इस फैसले ने वैश्विक क्रिकेट राजनीति को भी गरमा दिया है। अन्य क्रिकेट बोर्ड इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह मामला खेल से आगे कूटनीति और सुरक्षा से जुड़ता दिख रहा है।
टी-20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले बांग्लादेश का यह कदम आईसीसी और भारतीय क्रिकेट व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या बांग्लादेश का बहिष्कार अंतिम रूप ले लेता है। क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें अब आईसीसी के अगले कदम पर टिकी हैं।










