वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत–संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गांधी अध्ययन पीठ सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नशामुक्त समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया गया तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन संबोधन का सजीव प्रसारण भी देखा गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी ने की। प्रारंभ में बाल मुकुंद त्रिपाठी के निर्देशन में एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे के कारण व्यक्ति, परिवार और समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को जीवंत रूप से दर्शाते हुए युवाओं से इस बुराई से दूर रहने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही नशामुक्ति पर आधारित प्रेरक लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. सुधीर शुक्ला ने युवाओं से स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए अभिशाप है। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और यह तभी संभव है, जब युवा शिक्षा, संस्कार, अनुशासन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ नशे से दूर रहें।

डीन अकादमिक प्रो. बंशीधर पाण्डेय ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी गंभीर चुनौती है। उन्होंने विशेष रूप से युवा पीढ़ी से सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव, साथियों के दबाव और क्षणिक आकर्षण से बचते हुए नैतिक मूल्यों एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि एनएसएस के स्वयंसेवक समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी वाहक हैं। इस अवसर पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशामुक्त भारत एवं विकसित भारत के निर्माण की सामूहिक प्रतिज्ञा दिलाई गई। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने माई भारत पोर्टल पर पंजीकरण कर डिजिटल शपथ भी ली।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रव्यापी संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि “नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति हैं।” उन्होंने कहा कि नशा केवल शरीर को ही नहीं, बल्कि परिवार की खुशियों, सपनों और रिश्तों को भी प्रभावित करता है। उन्होंने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने तथा नशामुक्ति का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि नशा व्यक्ति का लक्ष्य और फोकस दोनों कमजोर करता है तथा भारतीय संस्कृति और सभी धर्मों ने सदैव इससे दूर रहने की प्रेरणा दी है।
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस समन्वयक डॉ. राहुल गुप्ता तथा धन्यवाद ज्ञापन परीक्षा नियंत्रक दीप्ति मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय, प्रो. नलिनी श्याम कामिल, प्रो. बृजेश सिंह, प्रो. आनंद चौधरी, प्रो. अखिलेश यादव, प्रो. रमाकांत, प्रो. अनीता, डॉ. प्रभा शंकर मिश्र, डॉ. शशि प्रकाश सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।










