वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में ‘हर घर तिरंगा अभियान-2026’ के तहत विद्यार्थियों को राष्ट्रीय ध्वज के गौरव, सम्मान और ध्वज संहिता के प्रति जागरूक करने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। दर्शन एवं योग विज्ञान विभाग की ओर से अभियान के द्वितीय चरण में तिरंगे की संकल्पना पर आधारित आकर्षक रंगोली बनाई गई। साथ ही राष्ट्रीय ध्वज के इतिहास, महत्व, गौरव और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ी विशेष प्रदर्शनी लगाई गई।
बुधवार को ध्वज संहिता एवं राष्ट्रीय ध्वज फहराने की विधि पर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. राजेश कुमार मिश्र ने विद्यार्थियों को ध्वजारोहण की सही विधि तथा राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। विभागाध्यक्ष प्रो. नंदिनी सिंह ने ध्वज की गरिमा और सम्मान के साथ ध्वज संहिता में निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। कार्यक्रम में प्रो. पीताम्बर दास, डॉ. अम्बरीश राय, डॉ. गणेश जायसवाल, डॉ. कविता, डॉ. संतोष, डॉ. प्रियंका, डॉ. चंद्रमणि आदि उपस्थित रहे।
इसी क्रम में अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग तथा महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में ध्वजारोहण विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि प्रो. नलिनी श्याम कामिल ने ध्वजारोहण की प्रक्रिया और ध्वज संहिता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए महिला सशक्तिकरण प्रकोष्ठ की समन्वयक एवं सह पुरातन छात्र प्रकोष्ठ की निदेशिका प्रो. निशा सिंह ने तिरंगे के प्रति सम्मान को प्रत्येक भारतीय का दायित्व बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज बलिदान और सादगी का प्रतीक है।

अंग्रेजी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धनकड़ ने मुख्य अतिथि का अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देश के सम्मान में तिरंगे को सदैव ऊंचा रखना प्रत्येक भारतीय की नैतिक जिम्मेदारी है। संचालन डॉ. धीरेंद्र कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर डॉ. नीरज सोनकर, डॉ. पीयूष चौबे, आलोक उपाध्याय, प्रियोदीप हलदर, आकृति, संस्कृति, सत्या, बसंत आदि उपस्थित रहे।










