वाराणसी। गंगा में बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के हालात के बीच छोटी नावों के संचालन पर रोक लगाए जाने को लेकर माझी और नाविक समाज में नाराजगी बढ़ रही है। मंगलवार को उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव एवं प्रदेश संगठन प्रभारी अनुपम राय ने राजघाट पहुंचकर माझी समाज के लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा कारणों से छोटी नावों के संचालन पर रोक के बावजूद बड़े क्रूज के संचालन को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
अनुपम राय ने कहा कि बाढ़ और गंगा के तेज बहाव के कारण गरीब नाविकों की नावें किनारे बंधी हैं। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। दूसरी ओर बड़े क्रूज का संचालन जारी रहना प्रशासन की नीति पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यदि गंगा का बढ़ा जलस्तर और तेज बहाव छोटी नावों के लिए असुरक्षित है तो बड़े क्रूज के संचालन में सुरक्षा मानकों को लेकर भी समान रूप से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने क्रूज संचालन को तत्काल रोकने की मांग करते हुए कहा कि भारी-भरकम क्रूज के आवागमन से उठने वाली लहरें जलमग्न घाटों से टकराती हैं। इससे प्राचीन घाटों, मंदिरों और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता उत्पन्न होती है। प्रशासन को नाविकों की आजीविका और गंगा किनारे स्थित ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समान नीति अपनानी चाहिए।
राय ने कहा कि नाविक समाज पीढ़ियों से गंगा से जुड़ा रहा है और बाढ़ के समय उसके सामने आर्थिक संकट और गहरा जाता है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित नाविकों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

इस दौरान काशी निषाद राज आठ फेरी के अध्यक्ष दुर्गा मांझी, महामंत्री रितिक साहनी, नारायण मांझी, सागर साहनी, भानु साहनी, देवेंद्र साहनी ‘कल्लू’ सहित बड़ी संख्या में नाविक और माझी समाज के लोग मौजूद रहे।










