वाराणसी। काशी बिस्किट एंड कन्फेक्शनरी व्यापार मंडल की बैठक बुधवार को मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा के सिगरा स्थित आवास पर हुई। बैठक में चीनी की कीमतों में हाल के दिनों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर व्यापारियों ने चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने से बेकरी, मिठाई, टॉफी और कन्फेक्शनरी से जुड़े छोटे एवं कुटीर उद्योगों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ये कारोबार पहले से ही कठिन दौर से गुजर रहे हैं और अब कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। इसका असर व्यापारियों के साथ आम उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है।
रमेश निरंकारी ने कहा कि त्योहारी सीजन में चीनी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। रक्षाबंधन और दुर्गापूजा जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान मिठाई कारोबारियों के सामने लागत बढ़ने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

भाजपा कल्याण बोर्ड के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार को बड़े थोक व्यापारियों और उद्योगपतियों द्वारा बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री के भंडारण की निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिस प्रकार छोटे व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा निर्धारित की जाती है, उसी प्रकार बड़े कारोबारियों के लिए भी प्रभावी स्टॉक सीमा तय की जाए, ताकि कृत्रिम तेजी और जमाखोरी पर अंकुश लग सके।
दीप्तिमान देव गुप्ता ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने से आम आदमी का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। सरकार को कीमतों में वृद्धि के कारणों की समीक्षा कर तत्काल राहत के उपाय करने चाहिए।
बैठक में रमेश निरंकारी, सुशील लखमणि, संजय गुप्ता, दीप्तिमान देव गुप्ता, मनीष गुप्ता, धर्मेंद्र सिंह, शरद गुप्ता, अंबे सिंह, जितेंद्र गुप्ता, नीरज गुप्ता, जय निहलानी, विकास गुप्ता, जीतन चौधरी, प्रिंस गुप्ता, रोशन जायसवाल सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।










