चहनिया। क्षेत्र के महुआरी खास गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास पंडित राधारमणाचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कालिया नाग के मान-मर्दन, गोवर्धन लीला और इंद्र के अहंकार के प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया।
कथा व्यास ने बताया कि यमुना में कालिया नाग के विष से वातावरण दूषित हो गया था। भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना में प्रवेश कर कालिया नाग का मर्दन किया और उसके अहंकार को समाप्त कर वहां से चले जाने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग धर्म की विजय और भगवान की करुणा का संदेश देता है।
गोवर्धन लीला का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि इंद्र के अभिमान के कारण ब्रज में भारी वर्षा हुई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर धारण कर ब्रजवासियों की रक्षा की। इससे इंद्र का अहंकार भी समाप्त हुआ।

कथा के दौरान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। रुक्मिणी द्वारा श्रीकृष्ण को पति रूप में स्वीकार करने और भगवान द्वारा उनका हरण कर विवाह करने के प्रसंग का कथा व्यास ने भावपूर्ण वर्णन किया। विवाह प्रसंग पर भजनों और जयकारों से कथा पंडाल गूंज उठा तथा श्रद्धालु देर तक भक्ति में झूमते रहे।
इस अवसर पर मोहन सिंह, दीपक सिंह, अंजनी सिंह, विजय सिंह, प्रिती सिंह, सुषमा सिंह, बेचन सिंह, राहुल सिंह, प्रमोद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।










