वाराणसी। ज्ञान, अध्यात्म और ज्योतिष की प्राचीन नगरी काशी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सेमिनार ‘काशी ज्योतिष महोत्सव-2026 (Ayurjyotish-2026)’ में ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र के क्षेत्र में उल्लेखनीय शोध एवं योगदान के लिए डॉ. राम बाबू श्रीवास्तव को प्रतिष्ठित ‘काशी ज्योतिषाचार्य मार्तंड अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान काशी की समृद्ध ज्योतिषीय परंपरा के संरक्षण, शोध और आधुनिक संदर्भों में उसके विकास की दिशा में उनके योगदान का सम्मान माना जा रहा है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आयुर्वेद विभाग एवं काशी ज्योतिष संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में 1 एवं 2 सितंबर 2026 को के.एन. उडप्पा सभागार, आईएमएस, बीएचयू में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का मुख्य विषय ‘आयुर्वेद एवं ज्योतिष के बीच संबंध’ रहा।
दो दिवसीय आयोजन में देश-विदेश से जुड़े विद्वानों एवं विशेषज्ञों ने आयुर्वेद और ज्योतिष के पारस्परिक संबंधों, इनके वैज्ञानिक एवं शोधपरक पक्षों, विकास की संभावनाओं तथा आधुनिक युग में इनके प्रचार-प्रसार और उपयोगिता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर डॉ. राम बाबू श्रीवास्तव (UPT No. 11125, वाराणसी) को ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र के क्षेत्र में शोध एवं विकास के साथ ही आयुर्वेद और ज्योतिष के अंतर्संबंधों को मजबूत करने की दिशा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘काशी ज्योतिषाचार्य मार्तंड अवार्ड’ प्रदान किया गया। उन्हें सम्मानस्वरूप प्रमाणपत्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रो. के.एन. मूर्ति, प्रो. एस.एन. सांखवार सहित आयोजन समिति से जुड़े पदाधिकारी, विद्वान एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. राम बाबू श्रीवास्तव ने आयोजकों एवं सभी शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उन्हें ज्योतिष एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में शोध, अध्ययन और जनजागरूकता के लिए और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।










