वाराणसी।संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में बुधवार को पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत को लेकर एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा अपने आवास से पैदल चलकर कार्यालय पहुंचे और शिक्षकों, कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण एवं पर्यावरणीय जागरूकता का संदेश दिया।
कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि वह प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट (LiFE)’ अभियान से प्रेरित होकर यह पहल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। पेट्रोल और डीजल की खपत कम होने से न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति संरक्षण, संतुलित जीवनशैली और संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश देती रही है। वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्र और पर्यावरण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी भी है। यदि समाज का शिक्षित वर्ग स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करेगा, तभी व्यापक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन संभव हो सकेगा।

कुलपति ने कहा कि दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव कर ऊर्जा संरक्षण की दिशा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। पैदल चलना, साइकिल अथवा सार्वजनिक परिवहन का उपयोग न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलता है। विकसित भारत और हरित भारत की संकल्पना जनसहभागिता से ही साकार हो सकती है।
विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति की इस पहल को सामाजिक उत्तरदायित्व, नैतिक नेतृत्व और पर्यावरणीय चेतना का प्रेरणादायी उदाहरण माना गया। विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों ने भी इसे जनजागरूकता की दिशा में एक सकारात्मक और अनुकरणीय कदम बताया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेन्द्र कुमार सहित सभी संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं शिक्षक भी अपने-अपने आवास से पैदल चलकर विश्वविद्यालय पहुंचे और ऊर्जा संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाई।









