वाराणसी। अग्रसेन कन्या पीजी कॉलेज के परमानंदपुर परिसर में सोमवार को “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला।
अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ. अपर्णा शुक्ला ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है, जो अनेक आक्रमणों और विपत्तियों के बावजूद आज भी दृढ़ता के साथ खड़ा है। यह मंदिर आत्मसम्मान, सांस्कृतिक विरासत और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान विषम परिस्थितियों में हमें अपने अतीत से प्रेरणा लेते हुए आत्मबल और स्वाभिमान को बनाए रखना चाहिए।
डॉ. नंदिनी पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक निरंतरता का जीवंत प्रतीक है। यह अनेक आघातों के बावजूद आज भी सहनशीलता, विश्वास और आत्मसम्मान की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि स्वामी विवेकानंद ने भी सोमनाथ मंदिर को भारत की राष्ट्रीय जीवनधारा का प्रतीक बताया था, जो बार-बार नष्ट होकर भी पुनर्जीवित होती रही।

धन्यवाद ज्ञापन मेनका सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” हमें देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए प्रेरित करता है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक प्रवक्तागण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।









