जौनपुर। मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। परिजनों ने नेवढ़िया स्थित आरोग्यम अस्पताल के चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, नेवढ़िया थाना क्षेत्र के उत्तर पट्टी गांव निवासी सूरज बिंद अपनी पत्नी पूजा बिंद को 19 अप्रैल की सुबह डिलीवरी के लिए आरोग्यम अस्पताल लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद डॉक्टर देवेंद्र कुमार पटेल द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के बाद महिला की हालत बिगड़ गई, जिससे उसकी और गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई।
परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने पर डॉक्टर और परिजन महिला को वाराणसी के कई अस्पतालों में लेकर गए, जहां अंततः बीएचयू में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद बिना पोस्टमार्टम कराए और बिना पुलिस को सूचना दिए ही परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया।

मंगलवार रात मृतका के पिता गुलाब बिंद मुंबई से अपने पैतृक गांव ढेढूहान (थाना केराकत) पहुंचे। बुधवार को वह बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ नेवढ़िया के उत्तर पट्टी गांव होते हुए आरोग्यम अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर से घटना की रिपोर्ट मांगी। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
सूचना मिलने पर नेवढ़िया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया, जहां सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। पीड़ित पक्ष ने डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अस्पताल को सील करने की मांग की।
इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक राजाराम द्विवेदी ने बताया कि अभी तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मृतका पूजा बिंद अपने पीछे दो मासूम बेटियां छोड़ गई हैं—राशि (8 वर्ष) और कनक (2 वर्ष)। घटना के बाद से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।









