वाराणसी। काशी की प्रतिष्ठित साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था चंद्रा साहित्य परिषद (ट्रस्ट) द्वारा बरेका सभागार में भव्य अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अदम्य साहस और प्रेरणादायक जीवन संघर्ष के लिए पद्मश्री से सम्मानित संगीत शिक्षिका डॉ. मंगला कपूर को माता सावित्रीबाई फुले सम्मान से अलंकृत किया गया।
डॉ. मंगला कपूर का जीवन संघर्ष और साहस का अद्वितीय उदाहरण है। मात्र 12 वर्ष की आयु में एसिड अटैक का शिकार होने के बावजूद उन्होंने 36 सर्जरी का कठिन दौर पार किया और वर्ष 2026 में पद्मश्री सम्मान प्राप्त कर एक मिसाल कायम की। उनका संघर्षपूर्ण जीवन आज करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुका है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. कपूर ने चंद्रा साहित्य परिषद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्था ने साहित्यकारों के सम्मान और सामाजिक दायित्व के निर्वहन का एक सार्थक और प्रेरणादायक संदेश दिया है।

संस्था के अध्यक्ष इंजीनियर राम नरेश ‘नरेश’ ने कहा कि डॉ. मंगला कपूर को सम्मानित कर संस्था स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. श्रद्धा नंद सहित हीरा लाल मिश्र ‘मधुकर’, धर्मेंद्र गुप्त ‘साहिल’, जगदीश पंथी, सूर्य प्रकाश मिश्रा, परम हंस तिवारी, डॉ. नसीमा निशा, डॉ. करुणा सिंह, मो. अखलाक, आलोक ‘बेताब’, नुसरत जहां, महेंद्र नाथ तिवारी ‘अलंकार’, संतोष प्रीत, आनंद कृष्ण ‘मासूम’, मधुलिका राय, अत्रि भारद्वाज, डॉ. प्रताप शंकर दूबे, कंचन चतुर्वेदी, केशव शरण, डॉ. कैलाश सिंह ‘विकास’ एवं डॉ. सुभाष चंद्रा समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।









