वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल द्वारा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मामले में कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्री के बयान को “हताशा और विफलता का प्रतीक” बताया है।
जारी बयान में चौबे ने कहा कि मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी न केवल निंदनीय है, बल्कि यह सत्ता के अहंकार में डूबे एक बौखलाए हुए नेता की मानसिकता को भी दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार के प्रतिनिधि जनता के मुद्दों—जैसे महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं—पर जवाब देने में असफल हो जाते हैं, तब वे व्यक्तिगत आरोपों और आपत्तिजनक भाषा का सहारा लेते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की बयानबाजी यह स्पष्ट करती है कि सरकार के पास जनहित के मुद्दों पर कोई ठोस जवाब नहीं है और ध्यान भटकाने के लिए स्तरहीन राजनीति की जा रही है। चौबे ने सवाल उठाया कि क्या यही भाजपा सरकार की राजनीतिक संस्कृति और शिष्टाचार है।

कांग्रेस नेता ने इसे केवल अजय राय का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और प्रदेश की जनता का भी अपमान बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंत्री रविंद्र जायसवाल जल्द माफी नहीं मांगते हैं, तो कांग्रेस पार्टी सड़कों से लेकर सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।
चौबे ने कहा कि जनता अब इस तरह की राजनीति को समझ चुकी है और वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश ज्यादा दिनों तक सफल नहीं होगी। उन्होंने मंत्री को सलाह दी कि वे दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने आचरण और जिम्मेदारियों पर ध्यान दें, क्योंकि लोकतंत्र में संवाद की मर्यादा सर्वोपरि होती है।








