वाराणसी। वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में राष्ट्रीय एकता को सर्वोपरि बताते हुए वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को देश की जनता भली-भांति देख रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ और प्रभावशाली हुई है।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आलोचना के बावजूद देश की जनता वास्तविकता को समझती है। श्री मिश्र अखिल भारतीय मनीषी परिषद द्वारा नवसंवत्सर के उपलक्ष्य में आयोजित मधु मंगल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि परिषद धर्माचरण के लिए 10 प्रमुख सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज को दिशा देने का कार्य कर रही है, जो सराहनीय है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सदस्य गोपाल नारायण सिंह, मुख्य वक्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी उपाध्याय तथा सारस्वत अतिथि के रूप में पूर्व विधान परिषद सदस्य मणि शंकर पांडेय ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

महोत्सव का शुभारंभ अतिथियों द्वारा आद्य जगतगुरु शंकराचार्य के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। आयोजन अखिल भारतीय मनीषी परिषद के अध्यक्ष डॉ. विद्यासागर पांडेय एवं महासचिव दिवाकर द्विवेदी के निर्देशन में संपन्न हुआ।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रो. कमलाकर त्रिपाठी (काय चिकित्सा), प्रो. अजय कुमार खन्ना (शल्य चिकित्सा), डॉ. रमेश चंद्र मिश्रा (पूर्व डीजीपी, हरियाणा), प्रिंस पीयूष दुबे (क्रीड़ा), श्रीनाथ त्रिपाठी (विधि) तथा अजय सिंह (पत्रकारिता) को “मनीषी रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया।
संगठन विस्तार के तहत वाराणसी महानगर अध्यक्ष नीरज चौबे एवं जिला अध्यक्ष कपिल नारायण पांडेय के नेतृत्व में 30 मनीषियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए। कार्यक्रम का संचालन मीनाक्षी दीक्षित ने किया।
इस अवसर पर शशि प्रकाश मिश्रा, हरिश्चंद्र त्रिपाठी, डॉ. अर्चना मिश्रा, सुरेंद्र वशिष्ठ, डॉ. जवाहरलाल द्विवेदी, दिनेश त्रिपाठी, रविकांत पांडेय, आनंद कुमार तिवारी, डॉ. कृपा शंकर शुक्ला सहित हजारों लोग उपस्थित रहे।









