जौनपुर। जनपद के मड़ियाहूं क्षेत्र के ग्राम फत्तूपुर (अजोशी) में सई नदी के पावन तट पर स्थित प्रतिष्ठित “समाधि बाबा धाम” में विगत पचास वर्षों से परम्परागत रूप से आयोजित अखण्ड श्रीरामचरितमानस पाठ इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ। आयोजन में क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद्, जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी शामिल हुए और पूरे परिसर में भक्ति एवं आस्था का वातावरण व्याप्त रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के कुलपति प्रो. बिहारीलाल शर्मा ने कहा कि जौनपुर की यह पावन धरती महर्षि यमदग्नि की तपोभूमि रही है। यहां के कण-कण में भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विज्ञान की गौरवशाली परम्परा विद्यमान है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की उर्वरा भूमि ने देश को अनेक प्रतिभाशाली विद्यार्थी दिए हैं, जो भारतीय प्रशासनिक सेवा सहित विभिन्न उच्च पदों पर आसीन होकर राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि फत्तूपुर स्थित “समाधि बाबा धाम” की आध्यात्मिक आभा और दिव्य ऊर्जा सम्पूर्ण क्षेत्र को आलोकित करती है और यहां के लोग बाबा की कृपा से निरंतर उन्नति के मार्ग पर अग्रसर हैं।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि आईटी सिक्योरिटी क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योगपति, समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ज्ञानप्रकाश सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों और परम्पराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि समाधि बाबा धाम के महात्म्य को समझने का अवसर प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत सुखद और प्रेरणादायी अनुभव रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व पुलिस अधिकारी कवीन्द्र नारायण मिश्र ने अतिथियों का पारंपरिक विधि से स्वागत करते हुए कहा कि यह क्षेत्र ऋषि-तुल्य आचार्यों की तपोभूमि रहा है, जहां भारतीय ज्ञान परम्परा का सतत प्रवाह रहा है। उन्होंने कहा कि इस पावन स्थल पर जो भी श्रद्धा और विश्वास के साथ आता है, उसे आध्यात्मिक शांति और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त होती है।
इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के जनसम्पर्क अधिकारी शशीन्द्र मिश्र ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों और परम्पराओं से जोड़ते हैं तथा किसी भी स्थान की प्रतिष्ठा और महत्ता को बढ़ाते हैं।
अखण्ड श्रीरामचरितमानस पाठ के दौरान सई नदी के तट पर स्थित समाधि बाबा धाम परिसर में रामनाम की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। यह आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक बना, बल्कि क्षेत्र में भारतीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने का प्रेरणास्रोत भी सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर प्रसिद्ध शास्त्र विशेषज्ञ पंडित सुभाष चन्द्र पाण्डेय, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजबहादुर यादव, पूर्व पुलिस अधीक्षक रामशरण सिंह, प्रतापगंज स्थित शिक्षा मंदिरों के संस्थापक विनय उपाध्याय, उद्योगपति एवं समाजसेवी निशानाथ यादव ‘बमबम’, डॉ. सव्यसाची त्रिपाठी, जटाशंकर, भास्कर मिश्र, अवनीन्द्र मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित समाजसेवी, शिक्षाविद् एवं क्षेत्रीय गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।









