वाराणसी, 1 मार्च 2026। श्री विद्या मठ, काशी में आयोजित प्रेस वार्ता में गो-प्रतिष्ठा से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन की अगली रूपरेखा की घोषणा की गई। वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिए गए 40 दिनों के समय में से 30 दिन बीत चुके हैं, किंतु अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। पूर्व में 11वें और 21वें दिन भी प्रेस वार्ताओं के माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया गया था, परंतु पिछले 10 दिनों में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
आंदोलन की मुख्य मांगों में गोमाता को राज्यमाता घोषित करना, उत्तर प्रदेश से बीफ निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाना तथा गोहत्या निरोध को प्रभावी बनाने हेतु प्रस्तुत ‘पंचसूत्रीय मांगपत्र’ पर निर्णय शामिल है। आयोजकों ने कहा कि अब सारी निगाहें शेष 9-10 दिनों पर टिकी हैं।
अहिंसक और वैचारिक संघर्ष की घोषणा

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित ‘गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध’ पूर्णतः अहिंसक और वैचारिक होगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन शास्त्र, संवाद और संवैधानिक आग्रह के माध्यम से संचालित किया जाएगा। 7 मार्च को ‘गोप्रतिष्ठार्थ धर्मयुद्ध शंखनाद यात्रा’ काशी से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेगी। यदि निर्धारित समयावधि में निर्णय नहीं होता, तो इसकी नैतिक जिम्मेदारी प्रदेश सरकार और संबंधित राजनीतिक नेतृत्व की मानी जाएगी।
6 मार्च को संकल्प दिवस
6 मार्च (चैत्र कृष्ण तृतीया) को काशी के शंकराचार्य घाट पर ‘गो-ब्राह्मण प्रतिपालक’ छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर गंगा पूजन कर धर्मयुद्ध शंखनाद का संकल्प लिया जाएगा। इसे आंदोलन की आध्यात्मिक आधारशिला बताया गया है।
7 मार्च से यात्रा का शुभारंभ
7 मार्च को प्रातः 8:30 बजे श्री विद्या मठ से यात्रा प्रारंभ होगी। काशी के प्रसिद्ध संकटमोचन मंदिर में हनुमानाष्टक, हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के पाठ के साथ विघ्न विनाश की प्रार्थना कर यात्रा आगे बढ़ेगी।
यह रहेगा यात्रा मार्ग
7 मार्च: जौनपुर और सुल्तानपुर में सभाएँ, रात्रि विश्राम रायबरेली।
8 मार्च: रायबरेली से मोहनलालगंज, लालगंज, अचलगंज होते हुए उन्नाव में सभा एवं रात्रि विश्राम।
9 मार्च: उन्नाव, बांगरमऊ, बघौली से होते हुए नैमिषारण्य में सभा व विश्राम।
10 मार्च: नैमिषारण्य से सिधौली, इटौंजा होते हुए लखनऊ सीमा में प्रवेश व रात्रि विश्राम।
11 मार्च को लखनऊ में निर्णायक कार्यक्रम
11 मार्च 2026 (शीतला अष्टमी) को दोपहर 2:15 बजे से सायं 5:00 बजे तक कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल, पासी किला चौराहा, आशियाना, लखनऊ में ‘धर्मयुद्ध शंखनाद’ कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें मंगलाचरण, गोमय गणेश पूजन, गो-ध्वज प्रतिष्ठा तथा संतों, विद्वानों और गोभक्तों के उद्बोधन होंगे।
आयोजकों ने कहा कि 11 मार्च का लखनऊ कार्यक्रम शासन के लिए अंतिम चेतावनी स्वरूप होगा। सत्ता की उदासीनता को गौ-भक्तों के धैर्य की परीक्षा बताते हुए उन्होंने दोहराया कि आंदोलन का मार्ग शांतिपूर्ण, वैचारिक और संवैधानिक रहेगा।









