वाराणसी, 23 फरवरी 2026। देश के अग्रणी रेल इंजन निर्माण प्रतिष्ठान बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने एक बार फिर अपनी तकनीकी दक्षता, गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्धता और समयबद्ध उत्पादन क्षमता का परिचय देते हुए वित्तीय वर्ष 2025–26 का 500वां विद्युत लोकोमोटिव सफलतापूर्वक टर्न-आउट कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
पर्यावरण अनुकूल डिजाइन और अत्याधुनिक सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित यात्रीवाहक WAP7 लोकोमोटिव संख्या 45002 को पूर्व रेलवे के हावड़ा लोको शेड के लिए विधिवत रवाना किया गया। यह ऐतिहासिक उपलब्धि बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत तथा रेलवे बोर्ड के अतिरिक्त सदस्य (कर्षण) श्री सोमेश कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुई।
इस अवसर पर अतिरिक्त सदस्य (कर्षण) श्री सोमेश कुमार ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा एवं उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि कर्मचारियों की अथक मेहनत और अनुशासन के बल पर ही चालू वित्तीय वर्ष में 500 लोकोमोटिव का उत्पादन संभव हो सका है। उन्होंने इसे भारतीय रेल की आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने बरेका की टीम पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित सभी उत्पादन लक्ष्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बरेका की पहचान केवल उत्पादन संख्या से नहीं, बल्कि गुणवत्ता, विश्वसनीयता और तकनीकी श्रेष्ठता से है।
“मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” के मंत्र को साकार करते हुए बरेका ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में अब तक 500 विद्युत लोकोमोटिव का निर्माण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2017 में विद्युत लोकोमोटिव निर्माण प्रारंभ करने के बाद मात्र नौ वर्षों में 2855 विद्युत इंजन का निर्माण बरेका की तीव्र प्रगति का प्रमाण है।
वर्तमान में बरेका यात्री सेवा के लिए WAP7 तथा मालवाहक सेवा के लिए WAG9 लोकोमोटिव का निर्माण कर रहा है। स्थापना से अब तक बरेका कुल 11,187 लोकोमोटिव का निर्माण कर चुका है और 11 देशों को 182 लोकोमोटिव का सफल निर्यात भी कर चुका है। चालू वित्तीय वर्ष में मोजाम्बिक रेलवे को 10 अत्याधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्यात कर बरेका ने वैश्विक बाजार में अपनी साख को और मजबूत किया है।
लोकार्पित WAP7 एक 6000 अश्वशक्ति क्षमता वाला उच्च गति विद्युत लोकोमोटिव है, जिसे सभी प्रकार की यात्री, मेल एवं एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी अधिकतम गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा है तथा यह 24 कोच तक खींचने में सक्षम है।
इसमें Co-Co पहिया विन्यास, वातानुकूलित ड्राइवर कैब, हेड-ऑन जेनरेशन प्रणाली, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, होटल लोड सुविधा और कंप्यूटर नियंत्रित ब्रेकिंग प्रणाली जैसी आधुनिक विशेषताएं शामिल हैं। ऊर्जा दक्षता, सुरक्षा और उच्च प्रदर्शन की दृष्टि से यह भारतीय रेल के बेड़े का महत्वपूर्ण इंजन माना जाता है।
इस अवसर पर बरेका के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, कर्मचारी परिषद के सदस्य तथा एससी-एसटी एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
500वें विद्युत लोकोमोटिव का यह टर्न-आउट न केवल बरेका के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि भारतीय रेल की उत्पादन क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़ती भागीदारी का भी सशक्त प्रतीक है।









