वाराणसी। मेरा युवा भारत (MY Bharat), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 17वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के छठवें दिन प्रतिभागियों ने काशी की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को निकट से जाना। दिनभर चला यह शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण युवाओं के लिए उत्साह, ज्ञान और अविस्मरणीय अनुभवों से परिपूर्ण रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों ने सर्वप्रथम राष्ट्रीय बीज अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (NSRTC) का भ्रमण किया। यहां वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने आधुनिक कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज उत्पादन तकनीक, जैव विविधता संरक्षण तथा कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। युवाओं ने वैज्ञानिक नवाचार, अनुसंधान आधारित कृषि और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना में विज्ञान की भूमिका को समझते हुए अपने क्षेत्रों में नवीन तकनीकों के प्रसार का संकल्प व्यक्त किया।
इसके उपरांत दल ने भारत कला भवन का अवलोकन किया। संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मूर्तियां, दुर्लभ पांडुलिपियां, लघुचित्र, लोक एवं शास्त्रीय कलाकृतियों ने प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा और ऐतिहासिक वैभव से परिचित कराया। संग्रहालय भ्रमण युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणास्पद सिद्ध हुआ।

आध्यात्मिक अनुभूति के क्रम में प्रतिभागियों ने श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन कर काशी की आध्यात्मिक चेतना का अनुभव किया। इसके पश्चात उन्होंने विश्वप्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन-पूजन कर आस्था, श्रद्धा और दिव्यता के अद्वितीय संगम को आत्मसात किया। मंदिर परिसर की भव्यता, स्वच्छता और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं ने युवाओं को विशेष रूप से प्रभावित किया।
सांध्यकाल में सभी प्रतिभागियों को नमो घाट ले जाया गया, जहां भव्य गंगा आरती के दिव्य दृश्य ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। मंत्रोच्चार, दीपों की आलोकमाला और गंगा तट की अनुपम छटा ने युवाओं के मन में राष्ट्र और संस्कृति के प्रति गर्व एवं आत्मीयता की भावना को और प्रबल किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय युवाओं को देश की सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक परंपराओं, वैज्ञानिक उपलब्धियों और विकासात्मक पहलों से जोड़ना है, ताकि वे अपने समुदाय और राष्ट्र के विकास में सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभा सकें। प्रतिभागियों ने इस दिवस को प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक तथा जीवनभर स्मरणीय अनुभव बताया।









