वाराणसी, 10 फरवरी 2026। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को साइबर सेल एवं जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ समीक्षा गोष्ठी आयोजित कर साइबर अपराध नियंत्रण की प्रगति का विस्तृत आकलन किया। बैठक में वर्ष 2025 की उपलब्धियों तथा वर्ष 2026 की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 में वाराणसी पुलिस ने 6 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ करते हुए 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। ये गिरोह वाराणसी से ही कॉल सेंटर संचालित कर देश-विदेश के लोगों से ठगी कर रहे थे। इसके अतिरिक्त 44 म्यूल अकाउंट संचालकों को गिरफ्तार किया गया तथा फर्जी नाम से सिम कार्ड जारी करने वाली 15 फर्मों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की गई।
आर्थिक क्षति की भरपाई के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। वर्ष 2025 में साइबर सेल द्वारा 9.5 करोड़ रुपये की ठगी गई राशि पीड़ितों को वापस कराई गई, जबकि 1 जनवरी 2026 से 10 फरवरी 2026 तक लगभग 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की राशि होल्ड/फ्रीज कराई गई।

तकनीकी कार्रवाई के तहत वर्ष 2025 से अब तक 5273 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए, 1290 मोबाइल फोन (IMEI) डिएक्टिवेट किए गए तथा 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय कराए गए। शिकायतों के निस्तारण की दर 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 87 प्रतिशत तक पहुंचाई गई है। साथ ही, शिकायतों के लियन टाइम को 4 घंटे से घटाकर मात्र 14 मिनट करना त्वरित समन्वय और तकनीकी दक्षता का परिणाम बताया गया।
पुलिस आयुक्त ने IMEI व मोबाइल नंबर ब्लॉकिंग, लीन अमाउंट में वृद्धि, प्रार्थना पत्रों के त्वरित निस्तारण तथा फर्जी POS व अवैध सिम जारी करने वाले संचालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रतिबिम्ब पोर्टल की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक नए सेल का गठन किया गया है, जिसकी नियमित समीक्षा स्वयं पुलिस आयुक्त द्वारा की जाएगी।
साथ ही समन्वय पोर्टल पर अभियुक्तों का पूर्ण व सटीक विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए, ताकि अपराधियों का सुदृढ़ डाटाबेस तैयार कर भविष्य में प्रभावी मॉनिटरिंग की जा सके। प्रत्येक साइबर फ्रॉड प्रकरण की गुणवत्ता आधारित गहन समीक्षा कर साप्ताहिक स्तर पर जोन के साइबर नोडल प्रभारियों द्वारा निगरानी किए जाने पर बल दिया गया।
आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करने हेतु सोशल मीडिया, गोष्ठियों, विद्यालयों एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापक अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री आलोक प्रियदर्शी, अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध श्रीमती नीतू सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।









